स्वास्थ्य कर्मियों को मिली सिगरेट एंड औदर टोबैको प्रोडक्ट एक्ट की जानकारी
धूम्रपान से होने वाले नुकसान का प्रचार-प्रसार करने पर दिया गया जोर
चाईबासा : राष्ट्रीय धूम्रपान निषेध दिवस पर शुक्रवार को सदर अस्पताल में तंबाकू नियंत्रण पर कार्यशाला आयोजित हुई. इसमें सिगरेट एंड औदर टोबैको प्रोडक्ट एक्ट (कोपटा) की जानकारी दी गयी. मौके पर जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी सह जिला नोडल पदाधिकारी डॉ नवीन कुमार सिंह ने अस्पताल कर्मचारियों को कोपटा की विभिन्न धाराओं की जानकारी दी. इसमें बताया गया कि सार्वजनिक स्थल पर धूम्रपान व शैक्षणिक संस्थान के 100 मीटर की परिधि में नशा उत्पाद का विक्रय करना दंडनीय अपराध है. तंबाकू सेवन पर रोक के लिए सरकार अभियान चला रही है. गुटखा,
सिगरेट, खैनी, गुड़ाकू, गुल, बीड़ी आदि से मुंह में कैंसर की आशंका रहती है. भारत में तंबाकू सेवन से हर साल लगभग 21,000 लोगों की मौत होती है. इसे रोकने के लिए हमें प्रयास करना होगा. सीएस डॉ जगतभूषण प्रसाद ने कहा कि वर्तमान में बच्चों में नशे की लत बढ़ती जा रही है. इसे समय पर रोकने की जरूरत है. धूम्रपान से नुकसान का प्रचार-प्रसार करने की जरूरत है. धूम्रपान से हार्ट अटैक और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां होती हैं.
कार्यशाला में सीएस डॉ जगतभूषण प्रसाद, उपाधीक्षक डॉ बीके मुंडारी, एसीएमओ चंद्रावती बोयपाई, डॉ बीके मंडल, मंजूर अहमद, अजमत अजीज, एएनएम स्कूल की प्राचार्या शांता सोरेन, अस्पताल कर्मचारी, जागृति महिला समिति की अध्यक्ष बसंती गोप व समिति के सदस्य व प्रशिक्षु एएनएम उपस्थित थे.
