पत्थर-मुरुम का सैंपल लैब भेजा
राज्य सरकार के आदेश पर निगरानी जांच समिति ने गुरुवार को मनरेगा गोटाला मामले की जांच की.
चाईबासा : वर्ष 2008-09 में मनरेगा योजना में हुए घोटाले की निगरानी जांच शुरू हो गयी है. गुरुवार को निगरानी की टीम ने जगन्नाथपुर प्रखंड के टाटेपाड़ा से महतीसाई और सरबिल से सलैया तक ग्रेड वन सड़क की जांच की. इस सड़क का निर्माण सात साल पहले हुआ था. दोनों सड़कें कई जगह से टूट गयी हैं. सड़कों पर कई जगह गड्ढे हो गये हैं.
निगरानी टीम ने दोनों सड़कों से पत्थर और मुरुम जब्त किया. सड़क की गुणवत्ता का मानक पता करने के लिए पत्थर और मुरुम जांच के लिए लैब (प्रयोगशाला) में भेजा जायेगा. टीम में निगरानी के इंस्पेक्टर सकलदेव राम, कार्यपालक अभियंता रामाशीष राम, सहायक अभियंता देवेंद्र आदि शामिल थे.
दोनों सड़क निमार्ण अभियंता मनोज कुमार अकेला की देखरेख में हुई है. उल्लेखनीय है कि वर्ष 2008-09 में मनरेगा में बड़े पैमाने पर घोटाला हुआ है. सरकार घोटाले की जांच निगरानी से करा रही है.
