धरती पर आ गये पालनहार प्रभु यीशु, जगमग हुए गिरिजाघर-कलीसिया
गुरुवार की पवित्र रात में 12 बजे प्रभु यीशु मसीह के जन्म लेते ही चर्च-गिरिजाघर-कलीसिया हैप्पी क्रिसमस-मेरी क्रिसमस से गूंज उठे. चर्च में हाले लुइया, हाले लुइया, प्रेज दॉ लार्ड के उद्घोष होने लगे.
चर्च में मौजूद पुरोहित ने जब यह सु समाचार सुनाया कि प्रभु यीशु के जन्म लेने के शुभ समाचार वहां मौजूद मसीही समुदाय के लोगों को सुनाया. इसके बाद मौजूद लोग खुशी से झूम उठे. बधाई लेने व देने का काम शुरू हो गया. मसीही माता मरियम और प्रभु यीशु की आराधना करने लगे.
चाईबासा : पवित्र रात में आरएनसी चर्च, जीइएल चर्च, सीएनआइ चर्च, पैंती कोस्टल चर्च में बड़ी संख्या में मसीही समुदाय के लोग जुटे थे. क्रिसमस मिस्सा (विजिल मास) और क्रिसमस सर्विस शहर के विभन्नि चर्च, गिरजाघर- कलीसिया में की गयी. चर्च परिसर में विशेष रूप से सजायी गये चरनी स्थल में प्रभु के बालक स्वरूप को रखा गया, जिसे देख मसीही समुदाय के लोगों ने प्रभु के सुखद अनुभूति को ग्रहण किया. शुक्रवार की सुबह रोमन के साथ-साथ प्रोस्टेंट समुदाय के लोग कलीसिया में जुटेंगे. सुबह भी मिस्सा बलिदान व पूजन के साथ ही विशेष प्रार्थना की जायेगी.
रात हुई यीशु की प्रार्थना
आरसी चर्च में 24 दिसंबर की रात यीशु मसीह की प्रार्थना हुई. उसके बाद पवित्र मिस्सा बलिदान कार्यक्रम आयोजित किया गया. लोगों द्वारा फल गिफ्ट आदि का चढ़ावा भी चढ़ाया गया. ये भेंट अनाथालयों और जरूरतमंदों के बीच वितरीत किया जाता है. जीईएल तथा सीएनआई चर्च में 24 दिसंबर को केवल प्रार्थना सभा हुई. मिस्सा बलिदान का आयोजन आज सुबह सात बजे रखा गया है.
चरनी का चूमा, आशीष के लिए उमड़े मसीही
गुरुवार की शाम से नाइट सर्विस के तहत गिरजा घरों में प्रभु के भक्ति गीतों का दौर चल रहा था. प्रभु यीशु के जन्म के बाद उनके बालक रूपी स्वरूप को चरनी में रखा. जहां बारी-बारी सभी ने उसे चूम कर चरनी का आशीष लिया. बाइबल पाठ में मानव चिंतन के लिए लोगों को बताया गया. आज सुबह िगरिजाघरों में प्रार्थना होंगी.
