फूल व बीज से बनायी अगरबत्ती

चाईबासा : बाल वैज्ञानिक देश के भविष्य हैं. इनके नये विचारों से ही हम कल के लिए बेहतर और प्रदूषण मुक्त देश बना सकते हैं. मॉडल के रूप में बच्चों ने अपने विचार सामने रखा है अब शिक्षकों को इसे आकार देना है. ये बातें डीइओ रजनीकांत वर्मा ने बुधवार को एसपीजी मिशन स्कूल में […]

चाईबासा : बाल वैज्ञानिक देश के भविष्य हैं. इनके नये विचारों से ही हम कल के लिए बेहतर और प्रदूषण मुक्त देश बना सकते हैं. मॉडल के रूप में बच्चों ने अपने विचार सामने रखा है अब शिक्षकों को इसे आकार देना है. ये बातें डीइओ रजनीकांत वर्मा ने बुधवार को एसपीजी मिशन स्कूल में आयोजित 43वीं जवाहरलाल बाल विज्ञान प्रदर्शनी में कही. यहां बच्चों ने पेड़ के पत्ते व बीज से अगरबत्ती बनाने की विधि दर्शायी है.
डीइओ ने कहा कि कहा कि पर्यावरण के लिए कुछ अच्छा कर रहे हैं, तो किसी एक हिस्से के बारे में ना सोचें. बल्कि, पूरी धरती के बारे में सोचें. क्योंकि, अगर किसी भी हिस्से में प्राकृति आपादा आती है तो इसका प्रभाव आसपास में भी पड़ता है. प्रदर्शनी में कुल 65 स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया था. छह मॉडल का चयन राज्य स्पर्द्धा के लिए किया गया.
इन विषयों में मॉडल
मॉडल स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता, संसाधन प्रबंधन, उद्योग, कृषि और खाद्य सुरक्षा, आपदा प्रबंधन तथा गुणवत्तापूर्वक जीवन के लिए गणित.

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