चाईबासा : क्षक, शिक्षिका व कर्मचारी के अलावा सभी पदाधिकारी अपनी जिम्मेवारी निभायें, तो झारखंड का नंबर वन विश्वविद्यालय बनने में केयू को समय नहीं लगेगा. संसाधन की कमी है, इसका मतलब यह नहीं होता कि हम सब अपना कार्य छोड़ संसाधन की चिंतन करें. यदि लोगों में लगन हो, तो कम संसाधन में भी बेहतर कार्य हो सकता है. उक्त बातें कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ आरपीपी सिंह ने नैक, रूषा व एआइएसएचइ कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में कही. उन्होंने कहा कि कॉलेज प्रबंधन कल से ही इस पर कार्य करने में लग जाये. अपना डाटा एआइएसएचइ बेवसाइट में डाल दें.
कार्यशाला का उद्घाटन कुलपति डॉ आरपीपी सिंह, प्रतिकुलपति डॉ शुक्ला माहंती, रूषा के नोडल पदाधिकारी डॉ शंभु सिंह व नीतेश राज ने दीप जलाकर किया. विवि के सीनेट हॉल में विवि की ओर से रूषा, नैक व एआइएसएचइ के दोे दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया.
कार्यशाला का पहला दिन कोल्हान विवि के सीनेट हॉल में आयोजित की गयी, जबकि दूसरे दिन जमशेदपुर के वीमेंस कॉलेज में रखी गयी है. मौके पर प्रतिकुलपति डॉ शुक्ला माहंती ने कहा कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कॉलेजों को रूषा संबंधित जानकारी प्राप्त करना है. कॉलेज सक्रिय रूप से अपना कार्य करें तथा रूषा से लाभ मिलने के गाइडलाइन का पालन करें. इस दौरान नोडल पदाधिकारी डॉ शंभु सिंह व डॉ नीतेश राज ने नैक, रूषा के नियमावली को विस्तार पूर्वक बताया. पारी-पारी कर प्रिंसिपल व विभागाध्यक्षों ने नैक व रूषा संबंधित सवाल पूछे. इसका जवाब पूरी सरलता के साथ नोडल पदाधिकारियों ने जवाब दिया.
इस अवसर पर मुख्य रूप से कुलसचिव डॉ एससी दास, डीएसडब्ल्यू डॉ पद्माजा सेन, एफओ सुधांशु कुमार, सोशल साइंस डीन डॉ आशा मिश्रा, टाटा कॉलेज प्राचार्या प्रो कस्तुरी बोयपाई, कॉमर्स कॉलेज प्राचार्य दुर्गा जाट, डॉ महेश्वर यादव, डॉ एसपी मंडल, डॉ सत्य नारायण पांडेय, डॉ शशिलता, डॉ आर बानो के अलावा अन्य विभागाध्यक्ष उपस्थित थे.
सबों को मिला प्रमाण पत्र. वार्कशॉप में शामिल सभी प्रिंसिपल, कॉलेज शिक्षक व शिक्षिका तथा विभागाध्यक्ष को प्रमाण पत्र दिया.
