बच सकती थी बबलू की जान

तांतनगर : प्रेम प्रसंग में इलेक्ट्रिकल डिप्लोमा के छात्र बबलू कुमार दास की गला काट कर हत्या करने के मामले में हिंदूडीह के पेटू बोयपाई (25) व कमल किशोर सवैयां(30) ने बुधवार को तांतनगर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. ओपी प्रभारी मुहम्मद आजाद खां के सामने दोनों ने बबलू दास की हत्या में शामिल […]

तांतनगर : प्रेम प्रसंग में इलेक्ट्रिकल डिप्लोमा के छात्र बबलू कुमार दास की गला काट कर हत्या करने के मामले में हिंदूडीह के पेटू बोयपाई (25) व कमल किशोर सवैयां(30) ने बुधवार को तांतनगर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. ओपी प्रभारी मुहम्मद आजाद खां के सामने दोनों ने बबलू दास की हत्या में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली है.

दोनों को जेल भेज दिया गया है. पुलिस हिरासत में युवकों ने खुलासा किया कि अगर बबलू दास पुलिस का निर्देश व सामाजिक निर्णय मान लेता तो उसकी जान नहीं गयी होती.

प्रेमिका के साथ भागते समय ओडि़शा पुलिस के हाथों पकड़े जाने के बाद पुलिस ने उसे दोबारा ऐसी हरकत से बाज आने की चेतावनी दी थी. लेकिन इसके बावजूद वह अपने प्रेमिका से मिलता रहा और उसके गांव तक पहुंच गया. यहां दोनों को ग्रामीणों ने रंगे हाथ पकड़ लिया था.
आदिवासी रीति रिवाज के अनुसार रंगे हाथ पकड़े जाने पर दोनों को विवाह करा दिया जाता. इस मामले में भी वैसा ही सामाजिक निर्णय लिया गया. लेकिन बबलू दास ने सामाजिक निर्णय मनने से इनकार कर दिया. जिसके बाद युवती के पिता ने अन्य लोगों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी तथा साक्ष्य छिपाने के नियत से उसके शव को नदी के बालू में गाड़ दिया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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