पुलिस को सूचित न करें इसलिए ग्रामीणों से दो बोरा मोबाइल छीने, पुलिस ने जमीन में गाड़े 21 फोन किये जब्त
चाईबासा : बंदगांव के सुदूरवर्ती गांवों को पीएलएफआइ ने पूरी तरह संचार व्यवस्था से काट दिया है. पिछले महीने पोड़ंगिर में डीसी के जनता दरबार के दौरान रास्ते में केन बम होने की सूचना पुलिस तक पहुंचने के बाद पीएलएफआइ सभी ग्रामीणों को पुलिस मुखबिरी के तौर पर शक के घेरे से देख रही है. गौरतलब है कि इस सूचना के बाद डीसी के जनता दरबार को रद्द कर दिया गया था.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस उग्रवादी संगठन ने कई गांवों के ग्रामीणों से दो बोरा मोबाइल छीन लिया है. पश्चिमी सिंहभूम के एसपी डॉ माइकल राज एस ने तीन गांवों के ग्रामीणों से छिने गये 21 मोबाइल जो पीएलएफआइ ने जमीन में गाड़ दिये थे, को जब्त किये जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि जल्द ग्रामीणों को उनके मोबाइल लौटा दिये जायेंगे.
बम लगाने में दो समर्थक गिरफ्तार
पीएलएफआइ के जीतेन गुड़िया दस्ते की मदद करने के मामले में पुलिस ने बंदगांव के कुर्सी गांव निवासी बोस चांपिया व सोनुवा के कोटिया गांव निवासी सोमा बारजो को गिरफ्तार किया है.
इनपर बंदगांव थाने के सोंडिंग व खूंटी के पोडेंगेर में लगाये गये 25 किलो के तीन बमों को प्लांट करने में मदद करने का आरोप है. इनकी निशानदेही पर सोंडिंग से एक और पटका से दो बम बरामद किये गये. तीनों बमों को बम एक्सपर्ट टीम द्वारा निष्क्रिय कर दिया गया.
आठ दिनों से बंदगांव के सोंडिंग व पोडेंगेर में पुलिस द्वारा चलाये जा रहे अभियान के तहत यह सफलता मिली है. एसपी डॉ माइकल राज एस ने अपने आवास में पत्रकार सम्मेलन में गुरुवार को इसका खुलासा किया. बोस चांपिया द्वारा मिट्टी में छुपाकर रखे गये तीन गांव के 21 लोगों की मोबाइल भी पुलिस ने बरामद की है.
