आयुक्त ने एनएच को दुर्घटना फ्री करने का बनाया प्लान
चाईबासा/जमशेदपुर : एनएच 33 तमाड़- टाटा मार्ग पर दो साल में 58 सड़क दुघटनाएं हुईं, जिनमें 52 लोगों की मौत हुई है. 67 लोग घायल हुए हैं. यह आंकड़ा बुधवार को चाईबासा में कोल्हान आयुक्त अरुण द्वारा एक्सीडेंट फ्री एनएच का प्लान तय करने के लिए बुलायी गयी बैठक में पेश किया गया. आयुक्त ने एनएचएआइ अौर काम करने वाली एजेंसी मधुकॉन प्रोजेक्ट लि. को निर्देश दिया है कि जिन स्थानों पर एनएच बनाने -चौड़ीकरण का काम किया जा रहा है,
वहां 7 मीटर चौड़ी सड़क दुरुस्त रखा जाये, ताकि गाड़ियों का आवागमन सुचारू ढंग से हो सके. साथ के दोनों किनारे पर 1-1 मीटर मूरूम डालने का निर्देश दिया गया है, ताकि किनारा समतल हो. आयुक्त ने सरायकेला-खरसावां एसपी इंद्रजी महथा तथा एनएचएआइ व मधुकॉन को डेंजर जोन चिन्हित करने का निर्देश दिया है वैसे स्थानों पर बोर्ड लगाया जायेगा. 52 की मौत अौर 67 के घायल होने पर आयुक्त ने दुख प्रकट किया. उन्होंने पुरी से सीवान जाते समय सड़क हादसे में कावंरियों की मौत पर शोक व्यक्त किया. बैठक में मौजूद कोल्हान डीआइजी आरके धान, पूर्वी सिंहभूम के डीसी डॉ अमिताभ कौशल, सरायकेला के एसपी इंद्रजीत महथा ने एनएच 33 को दुर्घटना फ्री करने का प्लान बनाया.
आयुक्त को बताया गया कि 2015 में सड़क निर्माण का कार्य पूरा करना था, लेकिन इसमें और समय लगेगा. इस पर आयुक्त ने नाराजगी जतायी. उन्होंने मधुकॉन प्रोजेक्ट लि. को कई निर्देश दिये. बैठक लगभग डेढ़ घंटे तक चली. आयुक्त ने श्री महथा को शुक्रवार तक तथा एनएचएआइ व मधुकॉन के प्रतिनिधि को दो दिनों में डेंजर जोन चिन्हित कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया. बैठक में अधीक्षण अभियंता चाईबासा, अपर उपायुक्त सरायकेला-खरसावां, अधीक्षण अभियंता पथ विभाग, कार्यपालक अभियंता पथ प्रमंडल सरायकेला, आरइएल के प्रोजेक्ट मैनेजर बीमी रामाचंद्र, एनएचइआइ के मैनेजर एमके शामिल थे.
