चाईबासा : शहर के वयोवृद्ध समाजसेवी व अधिवक्ता नृपेंद्रनाथ सामंत का शुक्रवार की सुबह उनके टुंगरी स्थित आवास पर निधन हो गया. वे 96 वर्ष के थे. नृपेंद्र शहर में विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़ कर शिक्षा, सहकारिता बैंक, श्रमिक हित और कानूनी मामलों में लोगों की सेवा करते रहे.
वे पिछले एक माह से वकालत कार्य से दूर थे. 17 मार्च 1921 को खुंटपानी प्रखंड के दोपाई गांव में जन्मे सामंता ने चाईबासा को अलग पहचान देने में प्रयासरत रहे.
सिंहभूम जिला सहकारिता बैंक की स्थापना सामंता और उनके साथ के कुछ सहयोगियों की ही देन है. इस बैंक के संस्थापक अध्यक्ष भी वे थे. इसके अलावा वे को-ऑपेटिव लैंपस के राज्य स्तरीय सदस्य थे. उन्होंने 1949 में चाईबासा बार एसोसिएशन की सदस्यता लेकर अपने अधिवक्ता पिता पद्मश्री देवेंद्र नाथ सामंता की विरासत को आगे बढ़ाया. वर्ष 1951 से 1952 तक उन्होंने स्वीटजरलैंड स्थित अंतरराष्ट्रीय लेबर संगठन में भी देश का प्रतिनिधित्व किया.
इसके अलावे वे 1954 से 1995 तक एसपीजी मिशन बालक बालिका विद्यालय के सचिव रहे. वर्तमान वे सरस्वती शिशु मंदिर व बंगाली उच्च विद्यालय के अध्यक्ष थे.अधिवक्ता रूप में कार्य करते हुए वे दो बार सरकारी वकील(लोक अभियोजक) रहे. चाईबासा के समन्वय समिति द्वारा उनके समाज सेवा कायों के लिये वर्ष 1998 में चाईबासा रत्न से सम्मानित किया गया. वे अपने पीछे तीन बेटी व एक बेटे का भरा पूरा परिवार छोड़ गये है.
सरस्वती शिशु मंदिर ने शोक सभा कर संरक्षक व परामर्शी को दी श्रद्धांजलि
चाईबासा : पद्मावती जैन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में शुक्रवार को प्रबंध कार्यकारिणी समिति के सह संरक्षक एवं विधि परामर्शी नृपेंद्रनाथ सामंत के असामयिक निधन पर शोक सभा आयोजित कर उनके आत्मा के शांति के लिए दो मिनट का मौन धारण किया.
प्राचार्य सुरेंद्र कुमार राय ने कहा कि सामंत जी एक कुशल अधिवक्ता, समाजसेवी एवं शिक्षा प्रेमी थे. उनके निधन से विद्यालय परिवार शोकाकुल है. इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिका एवं बच्चे उपस्थित थे.
