जगन्नाथपुर : कब्रिस्तान की जमीन पर ग्रामीण ने जताया दावा
जगन्नाथपुर : जेटेया थाना के उदाजो गांव में टिकलु गोप (25) का शव 26 घंटे तक यूं ही पड़ा रहा. गोप समाज के मृत लोगों का जहां शव दफनाया जाता है, उस जगह पर गांव के सुखलाल लागुरी ने खुद की जमीन होने का दावा कर शव दफनाने का विरोध किया.
इस विरोध की सूचना पर शुक्रवार को जेटेया थाना प्रभारी रोहित सिंह दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे. दोनों पक्षों से वार्ता कर शव को अपनी निगरानी में उसी जगह पर दफन करवाया, जहां गोप समाज का शव दफनाया जाता है. काफी विरोध व मनौव्वल के बाद शव को दफनाने दिया गया. आदिवासी समाज व गोप समाज के लोग भी मौके पर जुट गये थे.
आदिवासी समाज के लोगों ने आगे से इस जमीन पर गोप समाज के शव को दफनाने नहीं देने की बात कही. थाना प्रभारी को बताया गया कि विवाद वाली जमीन पर बड़ापासेया और चीरूपासेया गांव के गोप समाज के लोग वर्षो से उस जमीन पर शव दफना रहे हैं. इस जमीन पर गोप समाज का शव दफनाने को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है. इस मसले पर शनिवार को जेटेया थाना में ग्राम सभा बुलायी गयी है.
दोनों समुदाय के लोगों ने नोवामुंडी सीओ से इस मामले में हस्तक्षेप कर कब्रिस्तान के लिए जमीन मुहैया कराने की बात कही है. मौके पर मुखिया जसबीन गोप, गुरुवारी देवी, उदयनाथ गोप, रोया पुरती, गुरुचरण लागुरी आदि उपस्थित थे. टिकलु गोप बीमार था. गुरुवार को उसका निधन हो गया था.
