चाईबासा : विद्यार्थियों की मानसिक स्थिति को समझने की क्षमता शिक्षक के पास होनी चाहिए, तभी उनके आने वाले कल का भविष्य बेहतर बन सकता है. कक्षा में पढ़ रहे विद्यार्थी की मानसिक स्थिति को समझ कर ही एक बेहतर गुरू बना जा सकता है. उक्त बातें कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ आरपीपी सिंह ने गुरुवार को महिला कॉलेज में बीएड भवन के उदघाटन के मौके पर आयोजित समारोह में कही.
उन्होंने कहा कि डिग्री लेना महत्वपूर्ण नहीं होता है. रामधारी सिंह दिनकर के पास कोई डिग्री नहीं थी, लेकिन आज उसके द्वारा दिखाये गये मार्गो पर लोग चलना पसंद करते है. शिक्षक का रोल काफी महत्वपूर्ण होता है. इसे गंभीरता पूर्वक लेना चाहिए. शिक्षक गलती करता तो आने वाले पीढ़ी भी गलती करेगी.
बीएड भवन पूर्ण होने पर उन्होंने महिला कॉलेज प्रशासन को बधाई देने के साथ खुशखबरी देते हुए कहा कि कॉलेज की बीएड मान्यता रद नहीं हुई है. मौके पर प्रतिकुलपति डॉ शुक्ला माहंती ने कहा कि 2005 से महिला कॉलेज में बीएड शुरू हुई. लेकिन इसके लिये अपना अलग भवन नहीं था. आज बीएड भवन का उदघाटन होने से विद्यार्थी आसानी से अपनी शिक्षा ले सकेंगे. डीएसडब्ल्यू डॉ पद्माजा सेन ने कहा कि हमारे बीच शिक्षा का एक मंदिर बनकर तैयार हो गया है.
मौके पर विवि के सीवीसी प्रो एके उपाध्यय, महिला कॉलेज की प्राचार्या डॉ शैलबला दास ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया. मंच संचालन डॉ प्रतिभा सिंह ने किया. इससे पूर्व बीएड भवन का उदघाटन वीसी व प्रो वीसी ने किया व बीएड छात्राओं ने कुल गीत गाये. मौके पर डॉ अशोक सेन, डॉ सीआर पति, डॉ मंजुला प्रसाद, डॉ लोकनाथ, डॉ स्पर्कलिन, डॉ दलजीत कौर, डॉ अनामिका, अमिता बिरूवा समेत शिक्षक व विद्यार्थी उपस्थित थे.
