ग्रामीणों ने दो डंफर, दो ट्रैक्टर व एक टेंपो को घंटों कब्जे में रखा
चाईबासा : दुंबीसाई के ग्रामीणों ने गुरुवार को चाईबासा शहर का कचरा रोरो नदी के करनी घाट की तलहटी में फेंकने का विरोध किया. दिन के करीब एक बजे ग्रामीणों का जत्था नदी किनारे पहुंचा.
लोगों ने नगर पर्षद के कचरा डंप कर रहे दो डंफर, दो ट्रैक्टर, एक टेंपो को अपने कब्जे में ले लिया तथा कचरा फेंकने पर रोक लगा दी. लोगों को समझाने के लिए नगर पर्षद के कार्यपालक अभियंता कमल कुमार सिंह को घटना स्थल पर पहुंचना पड़ा. उन्होंने लोगों को वहां कचरा नहीं फेंकने का आश्वासन देकर शांत कराया तथा वाहनों को लोगों को कब्जे से छुड़ाया. जिसके बाद उन्होंने कचरे को श्मशान काली अंचल में फेंकने को कहा.
लोगों का कहना था कि यहां करोड़ो रुपये खर्च कर घाट बनाया गया है. यहां तीन महीने बाद छठ पूजा होगी. जिसके लिए नगर पर्षद इसी कचरे को हटने के नाम पर लाखों रुपये संवेदक को देगा. दूसरी ओर इस कचरे के नदी में बहने से निचले इलाके में रहने वाले लोगों को गंदा पानी मिलेगा. मौके पर चाईबासा विधायक दीपक बिरुवा के प्रतिनिधि नज्जू समेत कई ग्रामीण उपस्थित थे.
शहरी कचरा के स्थायी समाधान हेतु विधायक दीपक विरूवा विधानसभा के मानसून सत्र में इसे रखने जा रहे है. जिसमें ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की मांग भी शामिल होगी.
लज्जू, विधायक प्रतिनिधि
चाईबासा : अनिश्चितिकालीन हड़ताल पर चले रहे नगर पर्षद के सफाई कर्मियों ने गुरुवार को विरोध जताते हुए काला बिल्ला लगाकर सफाई कार्य किया. ईद व रथ यात्रा को ध्यान में रखकर शहरी इलाकों में सफाई कार्य युद्धस्तर पर कराया जा रहा है. सफाई कार्य में 32 कर्मचारी, चार डंफर, दो जेसीबी, दो ट्रैक्टरों को लगाया गया है.
नगर पर्षद कर्मी मुन्ना आलम ने बताया कि ईद व भगवान जगन्नाथ की पूजा को देखते हुए कर्मचारियों ने 16 व 17 जुलाई को श्रमदान कार्य करने का निर्णय लिया है. इस दौरान सरकार का विरोध करते हुए काला बिल्ला लगाकर कार्य किया जायेगा. 19 जुलाई से हम फिर से हड़ताल पर बैठ जायेंगे.
नगरपालिका की ओर से गुरुवार को शहर के विभिन्न इलाकों में जमा लगभग 50 टन कचरा हटाया गया. खासकर मुफ्फसिल थाना, संध्या गुदरी, बड़ी बाजार डाउन, ईदगाह, स्कॉट विद्यालय, सदर बाजार इलाकों से सफाई की गयी. 17 जुलाई को रथ यात्रा निकाले जाने के रास्ते को साफ किया गया.
