सिंहभूम में तीन स्टील प्लांट के लिए झारखंड सरकार का केंद्र सरकार के साथ पैराशूट एमओयू का अखिल भारतीय आदिवासी महासभा ने विरोध किया है. संघ ने कहा कि नरेंद्र मोदी और रघुवर दास की हिम्मत नहीं थी, इसीलिए क्षेत्र से दूर पैराशूट एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया.
यहां की स्वशासन इकाई ग्राम सभा से बिना सहमति ये एमओयू असंवैधानिक है. हम क्षेत्र में इसका पुरजोर विरोध करेंगे. आदिवासियों को अपनी ग्राम सभाओं के सहमति अनुशंसा के बगैर विस्थापित नहीं किया जा सकता. सरकार को इसके पहले चाहिए था की समता जजमेंट के आलोक में अब तक मौजूद कंपनियों से लाभांश का 20 प्रतिशत व 1997 से अब तक का कोष बनाकर क्षेत्र का विकास करते. लेकिन ऐसा ना कर सिर्फ पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाया गया है.
