चाईबासा : नक्सलियों को पुलिस अब तीन तरफ से घेरेगी. इसके लिए ओड़िशा पुलिस के साथ मिल कर कोल्हान पुलिस व सीआरपीएफ की ओर से संयुक्त रूप से ऑपरेशन चलाया जायेगा. नक्सलियों को उनके मांद में ही घेरकर शिकस्त देने की इस मुहिम में पुलिस ने सिमडेगा और खूंटी पुलिस को भी शामिल कर लिया है. यह निर्णय शनिवार को पुलिस की इंटर स्टेट बैठक में लिया गया.
सर्किट हाउस में आयोजित ओड़िशा-झारखंड इंटर स्टेट पुलिस बैठक में नक्सलियों को मात देने की कई गुप्त रणनीतियां बनीं. पुलिस ने कोल्हान तथा अन्य दोनों जिलों को नक्सल फ्री करने के लिए यह कवायद शुरू की है. मौके पर कोल्हान डीआइजी आरके धान, सीआरपीएफ डीआइजी अशोक सान्याल, पश्चिमी सिंहभूम एसपी डॉ माइकल राज एस, पूर्वी सिंहभूम के एसएसपी अनूप टी मैथ्यू, ग्रामीण एसपी शैलेंद्र कुमार सिन्हा, सरायकेला एसपी, इंद्रजीत महथा, सिमडेगा एसपी तथ विभिन्न बटालियन के कमांडेंट तथा ओड़िशा के मयूरभंज, क्योंझर तथा सुंदरगढ़ जिले के एडिशनल एसपी आदि उपस्थित थे.
वारदात कर इधर से उधर भाग जाते हैं नक्सली : खूंटी, सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां,पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम तथा ओड़िशा के मयूरभंज, क्योंझर तथा सुंदरगढ़ जिले आपस में सटे हुए हैं. नक्सली वारदात कर या पुलिस की मूवमेंट तेज होने पर इस जिले से उस जिले में भाग जाते हैं. ऐसे में पुलिस को काफी दिक्कत होती है. सबसे बड़ी दिक्कत सूचना की होती है.
संयुक्त रूप से अभियान चलाने पर पुलिस एक-दूसरे के साथ कनेक्ट रहेगी. इससे नक्सलियों के हर मूवमेंट पर पुलिस की नजर रहेगी. नक्सलियों के साथ अन्य अपराधियों पर भी संयुक्त रूप से निगरानी रखी जायेगी. इसी उद्देश्य से यह बैठक आयोजित की गयी थी.
