झविमो : चाकुलिया में न्याय यात्रा पर बोले बाबूलाल मरांडी
चाकुलिया : न्याय यात्रा पर चाकुलिया पहुंचे झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने धर्मशाला प्रांगण में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार जनता की अवाज सुनती, तो आंदोलन नहीं करना पड़ता. अन्याय ही भाजपा की बुनियाद है. भाजपा के उम्मीद नहीं करें.
उन्होंने कहा कि चुनाव के पूर्व पीएम नरेंद्र मोदी ने जनता से वयादा किया था कि केंद्र में भाजपा की सरकार बनी, तो काला धन वापस लायेंगे. बेरोजगारों को रोजगार देंगे और देश भ्रष्टाचार मुक्त होगा, परंतु एक वर्ष बाद भी अपना एक भी वायदा पूरा नहीं किया. आने वाले दिनों में राज्य की जनता को संघर्ष करनी होगी.
याय यात्रा उनकी नहीं जनता की है. न्याय यात्रा के माध्यम से जनता को न्याय दिलाने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि भाजपा की बुनियाद ही अन्याय पर टिकी है. जनता भाजपा से न्याय की आस ना करें. राज्य में भाजपा की सरकार है. राज्य इन दिनों भ्रष्टाचार मुक्त तो नहीं हुआ, भ्रष्टाचार की दर में वृद्धि हुई है. भाजपा सरकार भूमि अधिग्रहण बिल ला कर किसानों की जमीन को पूंजीपतियों को देना चाहती है. सरकार स्थानीय नीति लागू किये बगैर नियुक्तियां कर रही है.
राज्यसभा चुनाव में स्पीकर की सूची के खिलाफ आज दायर करेंगे याचिका: मरांडी
जमशेदपुर : झाविमो के केंद्रीय अध्यक्ष बाबू लाल मरांडी ने कहा कि राज्यसभा चुनाव को लेकर विधानसभा द्वारा तैयार वोटर लिस्ट के खिलाफ शुक्रवार को झारखंड हाइ कोर्ट में याचिका दायर करेंगे. चाकुलिया में न्याय यात्रा करने के बाद जमशेदपुर पहुंचे श्री मरांडी ने परिसदन में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विधानसभा अध्यक्ष भाजपा के दबाव में काम कर रहे हैं.
वे संविधान का उल्लंघन कर रहे हैं. चुनाव आयोग द्वारा नोटिफिकेशन के साथ विधानसभा को भेजी गयी सूची में झाविमो के आठ विधायक बताये गये हैं, लेकिन विधानसभा द्वारा बनायी गयी वोटर लिस्ट मेंझाविमो के दो विधायक तथा दल-बदल करने वाले छह विधायकों को भाजपा का बताया गया है.
इसे हाइकोर्ट में चुनौती देंगे. उनके वकील ने फाइल तैयार कर ली है और कल याचिका दायर कर दी जायेगी.श्री मरांडी ने कहा कि छह विधायक पद एवं प्रलोभन में भाजपा में गये थे. उन्होंने कहा कि शुक्रवार को बैठक कर राज्यसभा चुनाव की रणनीति तय करेंगे. श्री मरांडी ने कहा कि हेमंत सोरेन उनके पास आये थे और समर्थन का आग्रह किया था. झाविमो शुरू से विपक्षी एकता के मजबूती की पक्षधर रही है.
