मां नहीं बन पाने के गम में कोडरमा की आशा ने की चाईबासा में आत्महत्या
चाईबासा : चाईबासा के होटल आकाश में मौत को गले लगा लेने वाली कोडरमा मरकच्चो निवासी आशा कुमार की आत्महत्या के कारणों पर से धुंध छंटने लगी है. मरने से पूर्व आशा द्वारा लिखे गये सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस यह मानकर चल रही है कि मां नहीं बन पाने के गम में आशा ने यह कदम उठाया. तीन साल पहले आशा की शादी प्रकाश से हुई थी.
तब से उसकी कोई संतान नहीं हुई है. उसकी शादी के बाद ब्याही देवरानी मां बनने वाली थी. संतान नहीं होने के कारण आशा ने कई डॉक्टरों से अपना इलाज भी करवाया.
छह माह पूर्व उसे गर्भ ठहरने का एहसास हुआ था तथा प्राथमिक जांच में भी रिजल्ट पॉजीटिव आया था. इस बीच परीक्षा देने के लिये वह हजारीबाग स्थित अपने मायके चली आयी. यहां डॉक्टरी जांच में पता चला कि वह गर्भवती नहीं है. सुसाइड नोट के मुताबिक बच्चे को लेकर पति व ससुरालवाले में फैली खुशी को वह गम में बदलना नहीं चहती थी. जिसके कारण वह लगातार झूठ बोलती रही. पुलिस का अनुमान है कि यह जानकारी मायके वालों को भी थी.
चूहा मारने की दवा खाकर किया था पहला प्रयास
घर से 11 फरवरी को भागने के बाद आशा ने कई बार आत्महत्या करने की कोशिश की. इस दौरान वह चाईबासा व जमशेदपुर के होटलों में ठहरी थी. पहले उसने चूहा मारने की दवा खाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया. लेकिन इसमें वह विफल रही. जिसके बाद उसने जान देने के लिए चाकू खरीदा, ताकि हाथ का नस काट कर वह आत्महत्या कर सके. लेकिन वह इसे अंजाम नहीं दे पायी. अंत में उसने दुपट्टा से फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली.
अपहरण की आशंका से पुलिस थी परेशान
आशा के मायके में जमीन विवाद चल रहा है. इस बीच घर से निकली आशा अचानक लापता हो गयी थी. जिसके कारण परिजन उसके अपहरण की आशंका जता रहे थे. इसे लेकर हजारीबाग पुलिस भी गंभीर थी. हजारीबाग पुलिस मोबाइल लोकेशन के आधार पर पश्चिम सिंहभूम व पूर्वी सिंहभूम पुलिस के साथ संपर्क में थी. लेकिन इस बीच आत्महत्या व सुसाइड नोट से मामला स्पष्ट हुआ.
