चाईबासा : भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने जिला के सभी प्रखंड कार्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया. सोमवार किये गये प्रदर्शन में झामुमो ने भूमि अधिग्रहण कानून को काला कानून करार दिया.
झामुमो नेताओं ने धरना स्थल से केन्द्र एवं राज्य सरकार कि खिलाफ खुलकर जुबानी हमला बोला. नेताओं ने कहा कि आदिवासी-मूलवासी लोगों के अधिकार एवं ग्राम सम्मान के विरूद्ध इस कानून को लाया गया है जिसका दुरुपयोग औद्योगिक विकास, खनन, निर्माण व सुरक्षा के नाम पर हथियार बनाकर किया जायेगा. रैयती भूमि खेत, खलिहान, जंगल-पहाड़, नदी-नाला का सरकार मनमाने तरीके से अधिग्रहण कर लेगी. देश के लोग अपने ही देश में भूमिहीन और बेघर हो जायेंगे.
नेताओं ने भाजपा पर जमीन से साथ लोगों की पहचान भी मिटाने का आरोप लगाया. कहा गया कि डोमिसाइल लागू नहीं किया गया और सभी प्रकार की सरकारी नौकरी की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी जो स्थानीय लोगों के खिलाफ है. सदर प्रखंड में सुबह नौ बजे से देर शाम तक चले धरना-प्रदर्शन में झामुमो कार्यकर्ता सोनाराम देवगम, इकवाल, हिमांशु कुमार राय, बबलू सवैंया, हिमांशु कुमार राम, जैव कुमार सवैंया, लालजी शर्मा, सपन रजित, धनंजय धवन, साधो देवगम, श्याम गोप, सुकरा कुजुर, गोविंद लोहरा, नरेश लोहरा, किरहो पुरती, रामाप देवगम, परगना सोय, कोताप लोहरा, सिंगराज देवगम समेत काफी अन्य सदस्य उपस्थित थे.
उधर जगन्नाथपुर प्रखंड में मंगल सिंह बोबोंगा के नेतृत्व में झामुमो कार्यकर्ताओं ने धरना दिया. धरना के बाद राज्यपाल के नाम एक मांग पत्र प्रखंड विकास पदाधिकारी को सौंपा गया है, जिसमें भूमि अधिग्रहण कानून को रद करने और स्थानीयता को परिभाषित करने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की मांग की गयी है.
झींकपानी प्रखंड कार्यालय पर भी झामुमो नेताओं ने प्रखंड अध्यक्ष हरलिाल कर्जी के नेतृत्व में धरना देकर राज्यपाल के नाम दो मांगों से संबंधित पत्र भेजा है.
नोवामुंडी प्रखंड पर झामुमो केंद्रीय सदस्य इजहार राही के नेतृत्व में धरना दिया गया. इस मौके पर प्रखंड सचिव शेख मोख्तार, राजेंद्र बलमुचु, चंदन पूर्ति, रजाउल्लाह अंसारी, बिल्टू, अरविंद कुमार सिन्हा, तुरी लागुरी समेत अनेक कार्यकर्ता शामिल थे.
मंझारी प्रखंड में आयोजित धरना कार्यक्रम में लक्ष्मण बिरूवा चंद्रमोहन विरूवा, जोगेन विरूवा, लक्ष्मण विरूवा, साधु चरण हेम्ब्रम, लाला राउत, सतारी तामसोय, तपन दास, जीतेन विरूवा, चंद्रभूषण वारिक, राधे विरूवा आदि उपस्थित थे.
