कोल्हान : पश्चिम सिंहभूम में फिर से संगठन को मजबूत करने में जुटे नक्सलियों को झटका
चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम स्थित पोड़ाहाट जंगल के सरजमहातु में शनिवार की रात पुलिस गिरफ्त में आया पलामु का एरिया कमांडर उपेंद्र डीएसपी की हत्या में 11 साल की सजा काट चुका है. 3 जून 2002 को लैंड माइंस विस्फोट में छतरपुर के डीएसपी डीके मिश्र की हत्या नक्सलियों ने कर दी थी.
जेल से छूटने के बाद उपेंद्र फिर से संगठन के लिए सक्रिय हो गया. उसे पोड़ाहाट में संगठन के विस्तार की जिम्मेदारी दी गयी थी. हथियार की कमी से जूङो रहे नक्सलियों को आर्म्स की आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए वह एक हथियार सप्लायर को भी लेकर आ रहा था. जेल ब्रेक के बाद सक्रिय नक्सली इन दिनों हथियों की कमी से जूझ रहे है. दोनों की गिरफ्तारी नक्सली संगठन के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है.
कोल्हान में बड़ी बैठक करने की ताक में नक्सली
जेल ब्रेक के बाद एक बार फिर से क्षेत्र में पांव जमाने की फिराक में जुटे नक्सली जल्द ही कोल्हान क्षेत्र में एक बड़ी बैठक करने वाले है. इसमें हथियारों की कमी बड़ी बाधा बनी हुई है. माओवादियों को नयी जिम्मेदारी देने तथा हथियारों की कमी से जूझ रहे कैडरों के लिये हथियार उपलब्ध कराने पर रणनीति इसी बैठक में बनानी थी.
मनसूबे पर पानी फिरा
माओवादियों को खिलाफ मिली गुप्त व सटीक सूचना के कारण पुलिस नक्सली को झटका देने में कामयाब रही.
कुइरा में दस्ता इन लोगों को रिसीव करता
माओवादियों का दस्ता रांची होकर आसनतलिया के रास्ते आ रहे उपेंद्र तथा उसके साथी को कुइरा में रिसीव करता. कुइरा तक इन लोगों को दस्ते में शामिल मोटरो चाकी का नाबालिग भाई पहुंचा. जहां से इन्हें पोड़ाहाट कोल्हान रास्ते से सांगाजाटा ले जाया जाता. सटीक सूचना पर माओवादियों की गिरफ्तारी के लिए खुद एसपी नरेंद्र सिंह की मौजूदगी में यहां एंबुश लगाया गया था. लेकिन इसकी भनक नक्सलियों को लग गयी थी.
