रेशम तकनीक : प्रशिक्षण के बाद भी युवक-युवतियां बेरोजगार
चाईबासा : वर्ष 1990 से 2014 तक रेशम विभाग में कोई नियुक्ति नहीं हुई है, जिसके कारण प्रशिक्षण प्राप्त रेशम तकनीकी युवक-युवतियों को रोजगार नहीं मिल सका.
जुबिली तालाब परिसर में अजीत सिंह कुंटिया की अध्यक्षता में एक वर्षीय प्रशिक्षण प्राप्त प्रशिक्षणार्थियों ने बैठक कर रेशम विभाग में सीधी नियुक्त पर चर्चा की. बैठक में कहा गया कि पूर्व भी बेरोजगारों का प्रतिनिधिमंडल पूर्व मुख्यमंत्री अजरुन मुंडा, मधु कोड़ा, झारखंड सचिव, झारखंड रेशम विभाग निदेशक को नियुक्ति प्रक्रिया चालू करने संबंधित ज्ञापन सौंप चुका है लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला. बैठक में मुख्यमंत्री रघुवर दास से मिलकर अपनी बात रखने का निर्णय लिया गया.
प्रशिक्षणार्थी ने कहा कि प्रशिक्षण के बाद भी सरकार ने कोई नियुक्ति प्रक्रिया चालू नहीं की है जो दुर्भाग्यपूर्ण है. यदि सरकार को इस विभाग में कोई लाभ नहीं है तो वे छात्रों को प्रशिक्षण क्यों दे रहे है इसको तत्काल ही बंद कर देना चाहिए. बैठक में प्रशिक्षणार्थियों ने आगे की रणनीति पर भी विचार किया.
बैठक में मुख्य रूप से राम सिंह हेम्ब्रम, सरविलियम हेम्ब्रम, घासीराम पान, सूरज मालिक, दुर्गा सिंकू, गालीब हुसैन, दुर्गा ठाकुर, सरस्वती देवी, सुखमति सुंडी, तरूणा महतो, रीना महतो, स्मीता बानरा, जुलियानी चैरेवा, कमला सिंकू, ममता बानरा, सुशीला सवैंया, अनिल बिरूली, राजवती जारिका, सिंगराय सुंडी आदि उपस्थित थे.
