सोमवार को चक्रधरपुर चार घंटे तक कोहरों में समा गया. इतना घना कोहरा था कि सामने की भी चीज साफ नहीं दिखाई दे रही थी. सुबह पांच बजे तक कोहरा नहीं था. साढ़े पांच से कोहरा शहर में फैलना शुरू हुआ.
देखते ही देखते पूरे शहर को घने कोहरे ने अपनी आगोश में ले लिया.साढ़े नौ बजे तक शहर घने कोहरे में डूबा रहा. घने कोहरों के कारण चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन, बस पड़ाव में काफी कम यात्राी दिखे. स्कूल भी बच्चे कम संख्या में गये. ट्रेनों के परिचालन पर भी असर पड़ा. ट्रेनों की रफ्तार सामान्य से कम कर दी गयी थी.
