खदान बंदी के खिलाफ उतरी जनता

बड़बिल में विरोध : 15 हजार लोगों ने घेरा तहसील कार्यालय, सात दिन का दिया अल्टीमेटम बड़बिल : खदान बंदी से प्रभावित हजारों की संख्या में लोगों ने मंगलवार को रैली निकालकर बड़बिल तहसील कार्यालय का घेराव किया. इन लोगों का कहना था कि खदान बंद होने से उससे जुड़े उद्योग भी बंद हो गये […]

बड़बिल में विरोध : 15 हजार लोगों ने घेरा तहसील कार्यालय, सात दिन का दिया अल्टीमेटम
बड़बिल : खदान बंदी से प्रभावित हजारों की संख्या में लोगों ने मंगलवार को रैली निकालकर बड़बिल तहसील कार्यालय का घेराव किया. इन लोगों का कहना था कि खदान बंद होने से उससे जुड़े उद्योग भी बंद हो गये है और इनसें जुड़े हजारों की संख्या में लोग बेरोजगार हुए है.
जिनसे उनके सामने भूखे मरने की नौबत आ गयी है. लोगों ने प्रशासन को सात दिन का समय दिया है. चेतावनी दी है कि सात दिन में माइंस खोलने की पहल नहीं की गयी तो हजारों की संख्या में लोग अनिश्चितकाल के लिए तहसील कार्यालय पर धरना पर बैठ जायेंगे.
इससे पूर्व तय कार्यक्रम के अनुसार सुबह बड़बिल नगरपालिका क्षेत्र में स्थित विकास महल निकट से लगभग 15 हजार से अधिक लोग जुटे. बड़बिल नगरपालिका तथा निकटतम क्षेत्रों से आये महिला-पुरुष विशाल रैली की शक्ल में शहर के होते तहसीलदार कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया. लोगों ने हाथो एक पट्टी ले रखी थी जिसमें बेकारी दूर करने तथा बंद खदानों को खुलवाने की बात लिखी गई थी.
घेराव का नेतृत्व बड़बिल नगरपालिका के वार्ड 4 के वार्ड पार्षद लक्ष्मण महतो कर रहे थे. वार्ड पार्षद लक्ष्मण महतो ने बड़बिल तहसीलदार प्रवीर खिलार को पत्र सौंपा जिसमें बताया गया है कि चंपुआ विधानसभा में दो साल से लौह अयस्क की कमी के कारण कारखानों के बंद होने से बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार हो गये है. इसलिए बंद माइंस को चालू करने की पहल की गयी ताकि कारखानों में नियोजित लोगों को रोजगार
मिल सके.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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