जैंतगढ़ : ओडिशा और झारखंड को विभाजित करने वाली वैतरणी नदी का रौद्र रूप धीरे-धीरे शांत होने लगा है. बारिश थमने के बाद मंगवार की रात आठ बजे से नदी का जलस्तर घटने लगा.
सुबह तक वैतरणी का जलस्तर सामान्य होने से लोगों ने चैन की सांस ली. जिसके बाद लोग बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन में जुट गये थे. दूसरी ओर निचले इलाकों से पलायन कर चुके लोग घरों को लौटने लगे है. जिन घरों में बाढ़ का पानी घुसा था वह लोग अपने घरों की साफ सफाई मे लगे हैं. पानी घटने के बाद अब भी क्षेत्र में बीमारी की संभावना पनप चुकी है. नदी के किनारे दूर तक कीचड़ फैल गया है.
मुआवजे की मांग
भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष विपिन पूर्ति ने बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए सरकार से समय पर मुआवजा मांगा है. जैंतगढ़ में बाढ़ और अतिवृष्टि के कारण लाखों की क्षति हुई है. जैंतगढ़ में बाबाजी तीव, उमेश कारवा, संतोष कारवा, पूडा सरदार, विदेशी गोप आदि के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया था. जिससे इनके घरों मे रखा सामान बरबाद हो गया.
मिकड़यासाही के बोचो नायक के बगान मे बाढ़ का पानी घुसकर उनके पूरे बगान को तहस नहस कर दिया है. डेढ़ एकड़ जमीन पर लगी भिंडी, मिर्च, बरबट्टी, धनिया, टमाटर, मकई और मूली आदि की फसल पूरी तरह चौपट हो गई है. मिकड़या साही के दशरथ गागराई सिकन्दर गागराई, नरतोमा नायक, विपिन नायक एंव सुरजो पूर्ति की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गयी है.
