रोटेशन से जीतते रहे हैं भाजपा और झामुमो, जद के गोवर्धन लालू प्रसाद की सरकार में बने थे मंत्री
शीन अनवर, चक्रधरपुर : पश्चिमी सिंहभूम के बेनीसागर के लिए विख्यात मझगांव विधानसभा क्षेत्र के 60 फीसदी लोग खेती पर निर्भर हैं. 1957 में इस विधानसभा क्षेत्र में पहला चुनाव हुआ. यहां से झारखंड पार्टी के सारन बलमुचु पहले विधायक चुने गये थे. 1962 में वह दोबारा विधायक बने. इसके बाद 1967 व 1969 में […]
रोटेशन से जीतते रहे हैं भाजपा और झामुमो, जद के गोवर्धन लालू प्रसाद की सरकार में बने थे मंत्री
शीन अनवर, चक्रधरपुर : पश्चिमी सिंहभूम के बेनीसागर के लिए विख्यात मझगांव विधानसभा क्षेत्र के 60 फीसदी लोग खेती पर निर्भर हैं. 1957 में इस विधानसभा क्षेत्र में पहला चुनाव हुआ. यहां से झारखंड पार्टी के सारन बलमुचु पहले विधायक चुने गये थे. 1962 में वह दोबारा विधायक बने. इसके बाद 1967 व 1969 में निर्दलीय पूर्णचंद्र बिरुआ विधायक बने. कांग्रेस से राज्यसभा सांसद रहे देवेंद्रनाथ चांपिया चार बार विधायक बने.
1977 में झारखंड पार्टी से विधायक बननेवाले गोवर्धन नायक दूसरी बार 1995 में जनता दल के टिकट पर जीत हासिल की. लालू प्रसाद की सरकार में मंत्री बने.2000 के चुनाव से इस सीट पर झामुमो व भाजपा का कब्जा होता रहा. दोनों दल रोटेशन के आधार पर जीत हासिल करते रहे.
2000 व 2009 में भाजपा के बड़कुंवर गगराई व 2005 व 2014 में झामुमो के निरल पूर्ति विधायक चुने गये. 2014 में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने जगन्नाथपुर सीट अपनी पत्नी गीता कोड़ा के लिए छोड़ कर मझगांव से चुनाव लड़ा. उन्हें भी झामुमो के निरल पूर्ति से हार का सामना करना पड़ा.
सड़कें बनीं, बिजली मिली : निरल
विधायक निरल पूर्ति ने कहा कि मझगांव की भौगोलिक स्थिति काफी विषम है. असीमित कार्य किये. प्रखंड मुख्यालय से गांवों की संपर्क सड़कों को जोड़ा. पूरे विधानसभा क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ कराया.
छले जा रहे मासूम लोग : कोड़ा
दूसरे स्थान पर रहे पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा कि मझगांव विधानसभा क्षेत्र जंगलों से घिरा है. यहां की जनता बहुत मासूम है. वर्तमान झारखंड सरकार यहां की जनता के साथ छल कर रही है.