पुलिया में लौह पत्थर का प्रयोग

मनोहरपुर : लौह अयस्क के लिए प्रसिद्ध सारंडा क्षेत्र में सरकार की विकास योजनाओं में लौह पत्थर का इस्तेमाल किया जा रहा है. यहां बेस कोस व बोल्डर के स्थान पर योजना के ठेकेदार लौह पत्थर का इस्तेमाल कर रहे हैं. इससे सरकार को राजस्व की हानि हो रही है. यह मामला छोटानागरा पंचायत के […]

मनोहरपुर : लौह अयस्क के लिए प्रसिद्ध सारंडा क्षेत्र में सरकार की विकास योजनाओं में लौह पत्थर का इस्तेमाल किया जा रहा है. यहां बेस कोस व बोल्डर के स्थान पर योजना के ठेकेदार लौह पत्थर का इस्तेमाल कर रहे हैं. इससे सरकार को राजस्व की हानि हो रही है. यह मामला छोटानागरा पंचायत के जोजोगुट्ट ग्राम अंतर्गत राजाबेड़ा में सामने आया है.

ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल कार्यकारी एजेंसी के जरिये लगभग 41 लाख रुपये के प्राक्कलन से निर्माणाधीन आरसीसी पुलिया में लौह पत्थर का इस्तेमाल हो रहा है. इस क्षेत्र में योजना प्रारंभ करने से पूर्व वन विभाग से अनापत्ति पत्र नहीं लिया गया. इस कारण विभाग ने योजना के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है. पुलिया में लगाने के लिये काफी मात्र में लौह पत्थर योजना स्थल पर रखा हुआ है. लौह पत्थर से विकास योजना के संचालन की जानकारी के बाद वन विभाग भी सख्त हो गया है.

ठेकेदार को भेजेंगे नोटिस, करेंगे निरीक्षण : भगत

इस मामले वन क्षेत्र पदाधिकारी गणोश लाल भगत ने बताया कि योजना पर विभाग की अनापत्ति मिलने तक रोक लगा दी गयी है. हालांकि जल्द ही अनापत्ति मिल जायेगी. योजना में लौह अयस्क युक्त पत्थर का इस्तेमाल करना गंभीर मामला है. उन्होंने कहा कि योजना स्थल पर जाकर निरीक्षण करेंगे. लौह पत्थर संग्रह अथवा योजना में लगाये जाने के बाबत ठेकेदार पर वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने बताया कि मामले में ठेकेदार को नोटिस भेजा जा रहा है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >