रवि शंकर मोहांती
चक्रधरपुर अनुमंडल में 9350 चापाकल हैं लोगों के लिए
चक्रधरपुर : चक्रधरपुर शहर व ग्रामीण क्षेत्र के लोग हर साल गरमी के दिनों में पेयजल संकट से जूझते हैं. इस वर्ष भी मई में ही जल संकट का खतरा मंडराने लगा है. प्रभात खबर ने जल की सुरक्षा के तहत पेयजल एवं स्वच्छता विभाग चक्रधरपुर का जायजा लिया. यहां पाया गया कि उपकरण रहते हुए भी चापाकलों की मरम्मत धीमी गति से किया जा रहा है. श्रमिकों व कर्मचारियों की कमी को लेकर विभाग हमेशा परेशान रहता है.
इसके लिए मुखिया व जलसहियाओं को चापाकल मरम्मत का जिम्मा दिया गया है. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधीन पूरे अनुमंडल में 9350 चापाकल हैं. इसमें 1278 चापाकल खराब हो गये हैं. इनकी मरम्मत करायी जा रही है. चक्रधरपुर प्रखंड में कुल 2090, बंदगांव में 1527, मनोहरपुर में 1503, सोनुवा में 1567, गोइलकेरा में 1473 चापाकल लगाये गये हैं.
शहर में रोजाना एक लाख गैलन पानी की खपत
शहर में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग रोजाना एक लाख गैलन पानी की जलमीनार से सप्लाई करता है. बिजली पर्याप्त मात्र में मिलने से जलापूर्ति नियमित होती है.अब 23 साल पुराने जलमीनार में दरारें आ गयी हैं. विभाग इसकी मरम्मत करा रहा है. वर्षो पुरानी पंप मशीन से आज भी शहरी क्षेत्र में जलापूर्ति की जा रही है. कई बार वोल्टेज अप-डाउन होने से पंप मशीन जल चुकी है. इसकी मरम्मत कर चलाया जा रहा है.
