चाईबासा : शहर का पारा 43 को पार कर चुका है. आसमान से बरसती आग व तपती धरती के कारण दोपहर होने से पूर्व ही सड़कें सुनसान हो जा रही. 10 बजते-बजते गर्म हवा के थपेड़ों से आम लोगों का जीना मुहाल हो गया है, लोग घरों से निकलने में कतराने लगे है वैसी तपिश में नन्हें-मुन्हें मासूम बच्चों का बुरा हाल है. स्कूल की छुट्टी के बाद घर तक सकुशल पहुंच जाये तो अभिभावकों की जान में जान आती है. अभिभावक भी इस विवशता में बच्चों को स्कूल भेज रहे हैं कि कहीं बच्चा क्लास व सिलेबस में पीछे न छूट जाये.
उपाय भी अब नाकाफी
गरमी से बचने के लिए छात्र-छात्राएं टोपी, गमछा, तौलियां और स्कार्फ का इस्तेमाल कर रही हैं, लेकिन गरमी से बचाव के लिए ये उपाय नाकाफी है. ये धूप से बचाव का एक उपाय मात्र है, पूरी तरह से बचाव नहीं है. बच्चों के लिए गरमी से बचाव का एक मात्र उपाय धूप में नहीं निकलना है. इसकी सलाह चिकित्सक भी दे रहे हैं. बच्चे गला तर करके राहत महसूस कर रहे.
