पूर्व मंत्री विमला प्रधान का निधन, जानें कैसे शुरू हुआ था राजनीतिक सफर

सामाजिक कार्यकर्ता से राजनीति में कदम रखकर विधायक और मंत्री बनीं विमला प्रधान का सार्वजनिक जीवन सिमडेगा की राजनीति में एक महत्वपूर्ण अध्याय रहा. उनके लंबी यात्रा का अंत दुखद निधन से हुआ, जिसने पूरे झारखंड को शोक में डुबो दिया है.

रांची/सिमडेगा. सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने वाली विमला प्रधान ने सिमडेगा की राजनीति में अपनी पहचान बनायी और विधायक से लेकर झारखंड सरकार में मंत्री तक का सफर तय किया. वर्ष 1989 में सामाजिक कार्यों से जुड़ने के बाद उन्होंने 1994 में भाजपा की सदस्यता ली. इसके बाद पार्टी संगठन और क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उन्होंने चुनावी राजनीति में कदम रखा. वर्ष 2009 में भाजपा के टिकट पर सिमडेगा विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा पहुंचीं. शुक्रवार को रांची के सैमफोर्ड अस्पताल में इलाज के दौरान उनके निधन की खबर से सिमडेगा समेत पूरे झारखंड में शोक की लहर है.

विमला प्रधान का राजनीतिक सफर यहीं नहीं रुका. पहली बार विधायक बनने के बाद उन्हें झारखंड सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी मिली. उनके पास सामाजिक कल्याण, महिला एवं बाल विकास और पर्यटन जैसे विभाग रहे. वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने फिर सिमडेगा सीट से जीत दर्ज की और लगातार दूसरी बार विधायक बनीं.

सामाजिक कार्यों से शुरू हुआ था सफर

विमला प्रधान ने राजनीति में आने से पहले सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में सार्वजनिक जीवन में अपनी सक्रियता शुरू की थी. वर्ष 1989 से सामाजिक क्षेत्र में काम करने के बाद वर्ष 1994 में वह भाजपा से जुड़ीं. इसके बाद उन्होंने पार्टी संगठन के साथ-साथ सिमडेगा क्षेत्र में अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ायी.

वर्ष 2009 का विधानसभा चुनाव उनके राजनीतिक सफर में महत्वपूर्ण पड़ाव रहा. भाजपा ने उन्हें सिमडेगा सीट से उम्मीदवार बनाया और उन्होंने चुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया. विधायक बनने के बाद उन्हें सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी मिली.

दो बार सिमडेगा से जीतीं चुनाव

वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में विमला प्रधान ने सिमडेगा सीट से दूसरी बार जीत दर्ज की. इस तरह वह लगातार दो विधानसभा चुनाव जीतकर सदन पहुंचीं. वर्ष 2017 में झारखंड विधानसभा की ओर से उन्हें उत्कृष्ट विधायक के सम्मान से भी नवाजा गया.

वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में सिमडेगा सीट पर कांग्रेस के भूषण बा विजयी हुए. इसके बाद विमला प्रधान विधानसभा की राजनीति से बाहर हो गयीं, लेकिन सिमडेगा से उनका जुड़ाव बना रहा.

सक्रिय राजनीति से दूर होने के बाद भी क्षेत्र से जुड़ाव

पूर्व मंत्री के तौर पर सक्रिय राजनीति से बाहर रहने के बाद भी विमला प्रधान सामाजिक और स्थानीय मुद्दों से जुड़ी रहीं. ग्रामीणों की समस्याओं और क्षेत्र से जुड़े विषयों को लेकर वह विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय नजर आती थीं. निधन से कुछ महीने पहले भी उनके सिमडेगा क्षेत्र में ग्रामीणों से जुड़ने और उनकी समस्याएं सुनने की खबरें सामने आयी थीं.

विमला प्रधान के निधन के साथ सिमडेगा की राजनीति में सामाजिक कार्यकर्ता से विधायक और मंत्री तक का उनका लंबा सार्वजनिक सफर समाप्त हो गया. उनके निधन की खबर के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं, समर्थकों और क्षेत्र के लोगों में शोक का माहौल है.

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लेखक के बारे में

By वैभव विक्रम

वैभव विक्रम प्रभात खबर डिजिटल में डिजिटल पत्रकार हैं. पिछले पांच वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और झारखंड से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों, खेल, शिक्षा, लाइफस्टाइल और धर्म से जुड़े विषयों पर काम कर रहे हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के झारखंड डेस्क के रांची एडिशन के लिए जिलों की खबरें कवर कर रहे हैं.

इससे पहले वर्ष 2023-24 में उन्होंने प्रभात खबर के खेल डेस्क के लिए खबरें लिखीं. वर्ष 2024-26 के दौरान वे न्यूज11 भारत के साथ झारखंड की खबरों पर काम कर चुके हैं. स्थानीय घटनाक्रम और जमीनी मुद्दों को सरल, स्पष्ट और प्रभावी तरीके से डिजिटल पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता का प्रमुख हिस्सा रहा है.

झारखंड के समाचार, खेल, शिक्षा, लाइफस्टाइल और धार्मिक-सामाजिक गतिविधियों में उनकी विशेष रुचि है. डिजिटल पत्रकारिता में खबरों को पाठकों के लिए उपयोगी, रोचक और सहज बनाने के साथ इन विषयों पर अपने विचार और विश्लेषण प्रस्तुत करना भी पसंद करते हैं.

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