सिमडेगा: ठेठईटांगर प्रखंड की ताराबोगा पंचायत अंतर्गत गावरधंसा नवाटोली में बुधवार रात जंगली हाथी के हमले में 66 वर्षीय ग्रामीण बिमल गुड़िया की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि जुलतान गुड़िया का घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. घटना के बाद गांव में दहशत और शोक का माहौल है.
हाथी ने दौड़ाकर बुजुर्ग को मार डाला
ग्रामीणों के अनुसार, रात करीब नौ बजे हाथी गांव में घुसा और सबसे पहले जुलतान गुड़िया के घर पर हमला कर उसे तोड़ दिया. इस दौरान घर में रखा अनाज भी हाथी ने नष्ट कर दिया. शोर सुनकर बगल में रहने वाले बिमल गुड़िया अपनी जान बचाने के लिए घर से बाहर निकलकर भागने लगे, लेकिन हाथी ने उन्हें दौड़ाकर पकड़ लिया और कुचल दिया. गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई.
पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया शव
मृतक के दोनों बेटे रोजी-रोटी के लिए बाहर मजदूरी करते हैं, जबकि घर पर उनकी बहुएं मौजूद थीं. गुरुवार सुबह सूचना मिलते ही वन विभाग, ठेठईटांगर पुलिस तथा भारत आदिवासी पार्टी के जिला अध्यक्ष सह पेसा एसएलएमटी सदस्य अमृत चिराग तिर्की घटनास्थल पहुंचे. वन विभाग ने परिजनों को तत्काल विभागीय सहायता प्रदान करते हुए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, सिमडेगा भेज दिया.
परिजनों को मुआवजा राशि देने की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने हाथियों के लगातार बढ़ते आतंक पर चिंता जताते हुए स्थायी समाधान की मांग की. अमृत चिराग तिर्की ने मृतक के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए शीघ्र मुआवजा, आश्रित परिवार के योग्य सदस्य को रोजगार, जुलतान गुड़िया के क्षतिग्रस्त घर का उचित मुआवजा और हाथी प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की. मौके पर ताराबोगा मुखिया बलदेव सिंह, वाशिम अकराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.
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