सिमडेगा. पर्यटन स्थल बाघ मुंडा में रौतिया समाज का वार्षिक मिलन समारोह सह वनभोज का आयोजन किया गया. इसका शुभारंभ शहीद बख्तर साय मुंडन सिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया. इसके बाद समाज की एकता, संगठन विस्तार व आगामी योजनाओं पर चर्चा की गयी. बैठक में बसिया व कामडारा प्रखंड समितियों का पुनर्गठन किया गया तथा विभिन्न पदों पर नयी जिम्मेदारियां सौंपी गयीं. मौके पर समाज को संगठित व सशक्त बनाने का संकल्प दोहराया गया. प्रदेश अध्यक्ष रोहित कुमार सिंह ने कहा कि समाज की मजबूती शिक्षा, संगठन व सांस्कृतिक एकजुटता से ही संभव है. उन्होंने सभी सदस्यों से अपने हक की लड़ाई के लिए एकजुट होने का आह्वान किया. उन्होंने युवाओं व महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने, सामाजिक कुरीतियों को दूर करने तथा सामूहिक विकास के लिए ठोस कार्ययोजना लागू करने पर जोर दिया. प्रदेश अध्यक्ष ने रौतिया समाज को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा दिलाने की दिशा में सामूहिक प्रयास तेज करने की बात कही. कहा कि समाज के हित में सरकार व जनप्रतिनिधियों से लगातार संवाद किया जायेगा. साथ ही आरोप लगाया कि सीएनटी में रौतिया समाज को शामिल नहीं किया जा रहा है, जबकि लोकतंत्र में सभी वर्गों का समान विकास होना चाहिए. प्रदेश उपाध्यक्ष हीरा प्रसाद सिंह ने समाज के कोष को सुदृढ़ करने की आवश्यकता बतायी, ताकि सामाजिक कार्यों का संचालन प्रभावी ढंग से हो सके. प्रदेश महासचिव शालिग्राम सिंह ने सभी समितियों का बैंक खाता खोलने पर जोर देते हुए कहा कि एकजुटता ही लक्ष्य प्राप्ति का मूल मंत्र है. केंद्रीय महासचिव आजाद सिंह ने भी संगठनात्मक मजबूती और जनजागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया. कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, आपसी परिचय व विचार-विमर्श का दौर चला, जिससे सामाजिक सौहार्द और भाईचारा और मजबूत हुआ. अंत में वन-भोज के साथ कार्यक्रम का समापन सामूहिक धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ. कार्यक्रम में संत प्रसाद सिंह, गोपाल सिंह, श्याम सुंदर सिंह, शालिग्राम सिंह, जागेश्वर सिंह, भरत सिंह, तेजनारायण सिंह, खिरोधर सिंह, लालमोहन सिंह, कर्मपाल सिंह, बालमुकुंद सिंह, राजेश सिंह समेत अन्य समाजसेवियों ने भी अपने विचार रखें.
अपने हक की लड़ाई के लिए एकजुट हों : प्रदेश अध्यक्ष
बाघमुंडा में रौतिया समाज का वार्षिक मिलन समारोह सह वनभोज का आयोजन
