सिमडेगा. भीमराव आंबेडकर चौक के समीप बुधवार को पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति के तत्वावधान में पिछड़ी जातियों को आरक्षण देने की मांग को लेकर एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया. धरना में काफी संख्या में पिछड़ा वर्ग समाज के लोग शामिल हुए और अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की. मौके पर समिति के केंद्रीय मुख्य संरक्षक जगदीश साहू ने कहा कि गुमला, लोहरदगा, रांची व खूंटी जिलों में पिछड़ी जातियों की आबादी पर्याप्त संख्या में होने के बावजूद भी सरकारी नौकरियों में आरक्षण की स्थिति बेहद चिंताजनक है. उन्होंने कहा कि इन सभी जिलों में पिछड़ी जातियों को नौकरी में आरक्षण शून्य कर दिया गया है. केवल रांची जिले में आठ प्रतिशत आरक्षण लागू है. उन्होंने नगर निकाय चुनाव में भी पिछड़ी जातियों के साथ हो रहे भेदभाव पर चिंता जताते हुए कहा कि वार्ड पार्षद का आरक्षण आबादी के अनुपात में नगण्य है. सिमडेगा नगर परिषद क्षेत्र में पिछड़ी जातियों की आबादी लगभग 40 प्रतिशत होने के बावजूद वार्ड पार्षद पद के लिए आरक्षण पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है, जो न्यायसंगत नहीं है. उन्होंने कहा कि आदिकाल से ये समुदाय रूढ़ीगत परंपराओं, न्याय विधि व पारंपरिक पूजा पद्धतियों का पालन करते आ रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें कानूनी अधिकार नहीं दिये जा रहे हैं. धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता कर रहे रामजी यादव ने कहा कि दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल की पिछड़ी जातियों को या तो 27 प्रतिशत अथवा आबादी के आधार पर सरकारी नौकरियों में आरक्षण दिया जाये. साथ ही नगर निकाय चुनाव में भी पिछड़ी जातियों को आबादी के अनुसार आरक्षण सुनिश्चित किया जाये. उन्होंने मांग की कि वर्ष 2025 में लागू पेशा कानून में दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल की पिछड़ी जातियों को पूर्ण अधिकार प्रदान किया जाये. धरना-प्रदर्शन को अनूप केसरी, फुल सुंदरी देवी, परशुराम साहू, बजरंग प्रसाद समेत अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया. धरना-प्रदर्शन के बाद पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन राज्यपाल के नाम उपायुक्त को सौंपा.
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