सिमडेगा. पेसा कानून में ओबीसी समाज को अधिकार देने की मांग और नगर निकाय चुनाव में ओबीसी को आरक्षण नहीं मिलने के विरोध में मंगलवार को शहरी क्षेत्र में ओबीसी समाज के लोगों ने मशाल जुलूस निकाला. इस दौरान सैकड़ों ओबीसी समाज के लोग एकजुट होकर मशाल जुलूस में शामिल हुए. ओबीसी समाज के लोग शाम के समय शहरी क्षेत्र के प्रिंस चौक में एकत्र हुए. यहां से हाथों में जलती हुई मशाल लेकर सैकड़ों की संख्या में लोग नारेबाजी करते हुए शहर के मुख्य मार्गों से गुजरे. मशाल जुलूस प्रिंस चौक से नीचे बाजार होते हुए पुनः मुख्य मार्ग से गुजरते हुए महावीर चौक पहुंचा. महावीर चौक में प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन कर सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया. प्रदर्शन के दौरान ओबीसी समाज के रामजी यादव समेत अन्य नेताओं और सदस्यों ने कहा कि राज्य सरकार लगातार ओबीसी समाज की उपेक्षा कर रही है. पेसा कानून में ओबीसी समाज को अधिकार से वंचित रखा गया है. नगर निकाय चुनाव में ओबीसी को आरक्षण नहीं दिया जाना संविधान व सामाजिक न्याय की भावना के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि ओबीसी समाज की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जायेगी. ओबीसी समाज के लोगों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती है, तो आंदोलन को और तेज किया जायेगा. प्रदर्शन के दौरान पूरे क्षेत्र में नारेबाजी होती रही, जिससे कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित हुआ. मौके पर पुलिस बल तैनात रहे और स्थिति पर नजर बनाये रखी गयी. मशाल जुलूस और पुतला दहन के माध्यम से ओबीसी समाज ने सरकार को स्पष्ट संदेश दिया कि हर हाल में उन्हें उनका संवैधानिक अधिकार चाहिए और इसके लिए वे संघर्ष जारी रखेंगे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
