चीक बड़ाइक समाज के जाति प्रमाण पत्र निर्गत का उठाया मामला
चीक बड़ाइक समाज के जाति प्रमाण पत्र निर्गत का उठाया मामला
By Prabhat Khabar News Desk | Updated at :
सिमडेगा. विधानसभा सत्र में विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी ने तारांकित प्रश्न रखते हुए दो बिंदुओं पर सरकार से जानकारी चाही है. उन्होंने पूछा कि क्या चीक बड़ाइक लोहरा को अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्राप्त है. क्या उनके खतियान में सिर्फ चीक बड़ाइक लोहरा दर्ज है. वैसे लोगों को ग्रामसभा द्वारा अनुशंसा पर जाति प्रमाण पत्र निर्गत किया जाता है या नहीं. क्या यह सत्य है कि चीक बड़ाइक लोहरा खतियान में दर्ज होने के बावजूद वैसे लोग जो धर्म परिवर्तन कर हिंदू या ईसाई धर्म अपना लिए हैं. वैसे लोगों को जाति प्रमाण पत्र नहीं दिया जाता है. अगर ये सभी स्वीकारात्मक है, तो क्या सरकार उन्हें अनुसूचित जनजाति या उप जाति चीक बड़ाइक लोहरा का प्रमाण पत्र देने का विचार रखती है या नहीं. अगर हां तो कब तक. इस पर सरकार ने जवाब दिया गया कि भूमि निबंधन के आधार पर व भूमिहीन होने पर स्थानीय जांच के बाद जाति प्रमाण पत्र निर्गत किया जाता है. विधायक ने मद्य निषेध पर प्रश्न रखते हुए कहा कि अवैध रूप से बाजारों व हाटों व छोटे-छोटे चौक-चौराहों पर झोपड़ीनुमा होटलों में जहरीले रसायनिक पदार्थ मिला कर शराब की बिक्री धड़ल्ले से किया जा रहा है. यह सिर्फ सिमडेगा जिला नहीं वरन संपूर्ण झारखंड में किया जा रहा है, जिससे लोग बीमारी के शिकार हो रहे हैं. इस पर सरकार द्वारा कहा कहा गया कि मद्य निषेध कानून के तहत इस पर समय-समय पर रोक लगायी जाती है और जुर्माना भी वसूला जाता है.
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