भिखारियेट कैथोलिक सभा का नौवां वार्षिक अधिवेशन संपन्न हुआ सिमडेगा. बिंधाईनटोली पारिस में रविवार को बीरू भिखारियेट कैथोलिक सभा का नौवां वार्षिक अधिवेशन धार्मिक वातावरण में संपन्न हुआ. इस अवसर पर कांग्रेस महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष एवं पाकरटांड़ जिप सदस्य जोसिमा खाखा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं. अधिवेशन की शुरुआत मिस्सा पूजा से हुई, जिसके बाद सामाजिक और धार्मिक विषयों पर विचार-विमर्श हुआ. अपने संबोधन में जोसिमा खाखा ने कहा कि ऐसे सम्मेलन समाज को नई सोच और दिशा देने का कार्य करते हैं. उन्होंने पुरुषों की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए कहा कि पुरुष केवल परिवार का कमाने वाला सदस्य नहीं, बल्कि बच्चों के संस्कारों का पहला शिक्षक होते हैं. परिवार की मजबूती, पत्नी का सम्मान और बच्चों का भविष्य पुरुष के आचरण से तय होता है. यदि पुरुष मजबूत होगा तो परिवार और समाज भी मजबूत बनेगा. हम बदलेंगे, तो समाज बदलेगा; समाज बदलेगा, तो देश बदलेगा उन्होंने आत्ममंथन का आह्वान करते हुए कहा कि लोग चर्च में नियमित प्रार्थना करते हैं, लेकिन समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को उतनी गंभीरता से नहीं निभाते. शिक्षा, सेवा और जरूरतमंदों की सहायता में आगे आने की अपील की. साथ ही उन्होंने राजनीतिक भागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि कैथोलिक समाज के पुरुषों को पंचायत से लेकर संसद तक सक्रिय भूमिका निभानी होगी. यदि हम राजनीति से दूर रहेंगे तो फैसले कोई और करेगा. जोसिमा खाखा ने कैथोलिक सभा को एक मजबूत और सक्रिय संगठन बनाने पर बल दिया. उनका संदेश था हम बदलेंगे, तो समाज बदलेगा, समाज बदलेगा, तो देश बदलेगा. इस अवसर पर डीन फादर हरमन खलखो, फादर रंजित डुंगडुंग, फादर पौलूष लकड़ा, फादर पत्रिक खलखो, धर्मप्रांतीय अध्यक्ष माइकेल खड़िया सहित कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे. अधिवेशन ने धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक चेतना को एक साथ जोड़ने का कार्य किया.
समाज में बदलाव लाने की क्षमता रखती है कैथोलिक सभा: जोसिमा खाखा
बिंधाईनटोली पारिस में रविवार को बीरू भिखारियेट कैथोलिक सभा का नौवां वार्षिक अधिवेशन धार्मिक वातावरण में संपन्न हुआ.
