सिमडेगा से रविकांत साहू की रिपोर्ट
Simdega News: हिंदू नव वर्ष के पावन अवसर पर झारखंड के सिमडेगा शहर में गुरुवार को भव्य और विशाल शोभायात्रा निकाली गई. शोभायात्रा की शुरुआत सलडेगा स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, महिलाएं, युवक-युवतियां और आम नागरिक उत्साहपूर्वक शामिल हुए.
कलश यात्रा मुख्य आकर्षण का केंद्र
शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण कलश यात्रा रही. इसमें शामिल कन्याएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश लेकर आगे-आगे चल रही थीं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और सांस्कृतिक रंग में रंगा नजर आया. श्रद्धा और अनुशासन के साथ निकाली गई इस यात्रा ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया.
कलश यात्रा में बच्चे और युवक भी शामिल
यात्रा में बच्चों और युवाओं की सहभागिता भी उल्लेखनीय रही. विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राएं कतारबद्ध होकर चल रहे थे. वहीं, कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों के सदस्य भी इसमें शामिल हुए. शोभायात्रा में प्रस्तुत की गई राजा विक्रमादित्य की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिसे देखने के लिए रास्ते भर लोगों की भीड़ उमड़ती रही.
कलश यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत
शोभायात्रा सलडेगा से निकलकर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए नीचे बाजार स्थित पेट्रोल पंप तक पहुंची और दोबारा वापस सलडेगा लौट गई. पूरे मार्ग में जगह-जगह लोगों ने यात्रा का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया. समाजसेवियों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए शरबत, पानी, बिस्कुट और चना की व्यवस्था की गई, जिससे सहभागियों को राहत मिली.
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सुरक्षा में प्रशासन मुस्तैद
विधि-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा. शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी. वहीं, गश्ती दल भी लगातार सक्रिय रहा, जिससे शोभायात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई.
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