सिमडेगा की धरती आपसी भाईचारे की मिसाल है:जोसिमा खाखा

इस्लामपुर मुहल्ले में आयोजित कव्वाली कार्यक्रम ने सामाजिक एकता और भाईचारे का अद्भुत संदेश दिया

इस्लामपुर में सजी कव्वाली की महफिल

सिमडेगा. इस्लामपुर मुहल्ले में आयोजित कव्वाली कार्यक्रम ने सामाजिक एकता और भाईचारे का अद्भुत संदेश दिया. कार्यक्रम का उदघाटन महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष सह जिप सदस्य जोसीमा खाखा और नगर परिषद उपाध्यक्ष दीपक रिंकू ने संयुक्त रूप से किया. आयोजन समिति ने अतिथियों का स्वागत बुके देकर किया. मुख्य अतिथि जोसिमा खाखा ने कहा कि सिमडेगा की धरती आपसी भाईचारे की मिसाल है. इस्लामपुर की महफिल केवल गाना-बजाना नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने का जरिया है. उन्होंने युवाओं से मोबाइल की दुनिया से बाहर निकलकर सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेने और महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने की अपील की. साथ ही विधायक भूषण बाड़ा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा बिना भेदभाव के हर वर्ग के लिए काम किया है.

कव्वाली नफरत की दीवारों को गिराने का माध्यम है

विशिष्ट अतिथि दीपक रिंकू ने गंगा-जमुनी तहज़ीब और आपसी भाईचारे पर ज़ोर देते हुए कहा कि कव्वाली नफरत की दीवारों को गिराने का माध्यम है. उन्होंने कहा कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन दिलों का जुड़ाव और मानवीय संवेदनाएं राजनीति से ऊपर होनी चाहिए. उन्होंने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि उस दौर में मंदिर और मस्जिद दोनों ही सुकून का स्थान थे, जहाँ मजहब की कोई दीवार नहीं थी. कार्यक्रम में मशहूर कव्वाल कौसर जानी और उनकी टीम ने अपनी आवाज़ से समां बांध दिया. जब उन्होंने भर दे झोली या मोहम्मद और हिंदू-मुस्लिम एकता पर आधारित कलाम पेश किये, तो तालियों की गड़गड़ाहट से स्थल गूंज उठा.

इस अवसर पर भरत प्रसाद, विधायक प्रतिनिधि संतोष कुमार सिंह, वार्ड पार्षद रोसा केरकेट्टा, मनोज अग्रवाल, आईसा खातून, मो. वसीम, शकील अहमद, अख्तर ख़ान, इम्तियाज हुसैन, अजीमुल्ला अंसारी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे. कार्यक्रम को सफल बनाने में अक्षन ख़ान और समिति के सभी सदस्यों की अहम भूमिका रही.

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By VIKASH NATH

VIKASH NATH is a contributor at Prabhat Khabar.

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