वेस्ट मेटेरियल पर आधारित प्रदर्शनी का आयोजन
सिमडेगा. डायट सिमडेगा में बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट विषय पर एक रचनात्मक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और बेकार वस्तुओं के पुनः उपयोग के महत्व को समझाना था. प्रदर्शनी में कक्षा 6 से 12 तक के 62 विद्यालयों के 171 शिक्षक और छात्र शामिल हुए. विद्यार्थियों ने पुराने अखबार, प्लास्टिक बोतलें, टूटे खिलौने, कार्डबोर्ड और टिन के डिब्बों से आकर्षक वस्तुएं तैयार कीं. इनमें सजावटी सामान, पेन स्टैंड, गमले, लैंप और दीवार सजावट की वस्तुएं प्रमुख थीं. कार्यक्रम का उदघाटन जिला शिक्षा अधीक्षक सह प्राचार्य डायट ने दीप प्रज्वलित कर किया. उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां छात्रों की रचनात्मकता को बढ़ावा देती हैं और उन्हें पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाती हैं. प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी ने भी बताया कि बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि समय की मांग है.निर्णायक मंडली के सदस्य अमित चतुर्वेदी, अनिल कुमार, कंचन मंगला किंडो और अंजनी कुमार सिंह ने कलात्मकता, नवाचार और उपयोगिता के आधार पर विजेताओं का चयन किया. कक्षा 6–8 में प्रथम स्थान जीईएल मिडिल स्कूल किनकेल, द्वितीय जीईएल कोनसोदे बानो और तृतीय राजकीय मिडल स्कूल जितियाटोली को मिला. वहीं कक्षा 9–12 में प्रथम स्थान राजकीय उत्क्रमित प्लस टू हाई स्कूल ओड़गा, द्वितीय राजकीय बालिका उच्च विद्यालय कोलेबिरा और तृतीय राजकीय स्वामी श्रद्धानंद प्लस टू हाई स्कूल टैंसेरा को मिला. कार्यक्रम को सफल बनाने में पीरामल फाउंडेशन के अमित चतुर्वेदी, डायट संकाय सदस्य सुनील कुमार गुप्ता, अनिल कुमार, कंचन मंगला किंडो, अंजनी कुमार, मयंक शेखर दास और विवेक केरकेट्टा की अहम भूमिका रही.
