सिमडेगा. उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में भारत की जनगणना 2027 को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गयी. इसमें उन्होंने जनगणना से जुड़ीं जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि जनगणना अधिनियम 1948 के तहत यह देश का सबसे बड़ा प्रशासनिक व सांख्यिकीय अभ्यास है, जिसके आधार पर शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार और विकास संबंधी नीतियां तय की जाती हैं. उन्होंने बताया कि वर्ष 1881 में पहली पूर्ण जनगणना हुई थी और 2027 की जनगणना 16वीं तथा स्वतंत्रता के बाद देश की 8वीं जनगणना होगी. यह पहली बार पूरी तरह डिजिटल रूप में आयोजित की जायेगी और इसे दो चरणों में पूरा किया जायेगा. पहला चरण मकान सूचीकरण 16 मई से 14 जून 2026 तक होगा, जबकि दूसरा चरण जनसंख्या गणना नौ फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक संपन्न किया जायेगा. जिले में जनगणना के लिए 11 चार्ज, 1085 एचएलबी, 1085 प्रगणक तथा 181 पर्यवेक्षक नियुक्त किये गये हैं. उपायुक्त ने बताया कि जनगणना की प्रक्रिया को लेकर सभी तैयारियां पूरी की जा रही हैं. उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा इस जनगणना अभियान को महत्वपूर्ण रूप से संचालित किया जा रहा है. इस बार नागरिकों की सुविधा के लिए स्वगणना की व्यवस्था भी की गयी है, जो मकान सूचीकरण से 15 दिन पूर्व यानी एक मई से 15 मई तक पोर्टल पर उपलब्ध रहेगी. नागरिक घर बैठे अपनी जानकारी भर सकेंगे और उन्हें एक विशेष आइडी प्राप्त होगी, जिसका उपयोग प्रगणक द्वारा सत्यापन के समय किया जायेगा. उन्होंने कहा कि यह डेटा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगा. इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे, अपर समाहर्ता ज्ञानेन्द्र, भूमि सुधार उप समाहर्ता अरुणा कुमारी, अनुमंडल पदाधिकारी प्रभात रंजन ज्ञानी, जिला सूचना एवं जन-संपर्क पदाधिकारी पलटू महतो आदि उपस्थित थे.
मकान सूचीकरण से लेकर जनसंख्या गणना तक दो चरणों में होगी जनगणना: डीसी
नागरिकों के लिए स्वगणना पोर्टल की सुविधा भी उपलब्ध
