सिमडेगा. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशानुसार शुक्रवार को सदर अस्पताल स्थित नशा मुक्ति केंद्र में नालसा डॉन योजना के अंतर्गत विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया. इस अवसर पर अस्पताल में उपस्थित लोगों को नशामुक्ति तथा बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया. डालसा की ओर से प्राधिकार के असिस्टेंट एलएडीसीएस सुकोमल ने कहा कि नशा न केवल शरीर व मस्तिष्क को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि इससे परिवार और समाज भी प्रभावित होता है. उन्होंने लोगों से नशे से दूर रहने की अपील की. साथ ही बाल विवाह के विरोध में कहा कि कम उम्र में बच्चों व बच्चियों की शादी कराना कानूनन अपराध है और इससे उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता है. इस अवसर पर उपस्थित लोगों को विभिन्न प्रकार की कानूनी जानकारियां दी गयी. परिवहन विभाग की ओर से एमवीआइ प्रकाश रंजन, डीआरएसएम अजीत कुमार रवि, आरइए चंदन कुमार व आइटी असिस्टेंट नितेश कुमार ने दो पहिया और चार पहिया वाहनों के लिए आवश्यक यातायात नियमों की जानकारी दी. उन्होंने सड़क सुरक्षा के उपायों पर प्रकाश डालते हुए सड़क दुर्घटना की स्थिति में पीड़ित या मृतक के परिजनों को मिलने वाले मुआवजा से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी. कार्यक्रम में सदर अस्पताल की मैनेजर अलका कुल्लू, एएनएम ट्रेनिंग सेंटर की प्रिंसिपल, डालसा के पीएलवी दीपक कुमार, सुरजीत प्रसाद, पुनीता कुमारी आदि उपस्थित थे.
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