सिमडेगा : लोकसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आता जा रहा है वैसे-वैसे लोगों की उत्सुकताएं बढ़ती जा रही है. चारों ओर चुनाव के चर्चे हैं. साथ ही प्रत्याशियों को लेकर भी चर्चा आम है. घर, ऑफिस, बाजार या कोर्ट कचहरी हर ओर चुनाव को लेकर हर कोई दिलचस्पी दिखा रहा हैं और सांसद को लेकर डिस्कस जारी है.
ऐसे में हमारा सांसद कैसा हो विषय पर प्रस्तुत है अधिवक्ताओं के राय के प्रमुख अंश. अधिवक्ता जगदीश्वर साहू का कहना है कि सांसद ऐसा हो शिक्षित एवं कर्मठ होने के साथ-साथ कानून का भी जानकार हो. उन्होंने यह भी कहा कि सांसद संविधान के लोक कल्याणकारी अनुच्छेद के आलोक में जन कल्याण कार्य में रूची रखने वाला हो.
अधिवक्ता सिद्धन प्रसाद ने कहा कि हमारा सांसद क्षेत्र से लगाव रखने वाला हो. साथ ही शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल, विद्युत आदि समस्याओं को दूर करने की सोच रखता हो.
उन्होंने कहा कि सांसद के अंदर जनता के लिए कुछ करने की ललक हो. अधिवक्ता सगीर अहमद ने कहा कि सांसद ईमानदार एवं कर्मठ तथा झूठा वादा करने वाला नहीं हो. उन्होंने कहा कि सांसद साफ छवि एवं योग्य हो तथा कुछ कर गुजरने का जज्बा रखता हो. अधिवक्ता राजेंद्र कुमार यादव ने कहा कि सांसद लूट-खसोट करने वाला नहीं होना चाहिए. अधिवक्ता मो शकील कहते हैं कि सांसद जनता के बीच का हो एवं मिलनसार हो.
अधिवक्ता संतोष कुमार अकेला कहते हैं कि हमारा सांसद वादे को पूरा करने वाला होना चाहिए. अधिवक्ता मो युसूफ खान ने नागपूरी भाषा में एक कहावत प्रस्तुत करते हुए कहा कि सांसद आपन सोची परक नोची प्रवृत्ति का नहीं हो. बल्कि अपने बारे में नहीं सोचते हुए जनता के विकास पर अधिक सोच रखता हो.
