जरूरी है जल का संरक्षण : डीसी

नगर भवन में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के तत्वावधान में मनरेगा, समेकित जलछाजन परियोजना एवं झारखंड आदिवासी सशक्तीकरण एवं आजीविका परियोजना पर सोमवार को जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. मुख्य अतिथि उपायुक्त मंजुनाथ भजंत्री ने कार्यशाला का उदघाटन किया. उन्होंने कहा कि जलछाजन प्रबंधन से ही कृषि का विकास होगा. वर्षा आधारित कृषि […]

नगर भवन में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के तत्वावधान में मनरेगा, समेकित जलछाजन परियोजना एवं झारखंड आदिवासी सशक्तीकरण एवं आजीविका परियोजना पर सोमवार को जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया.
मुख्य अतिथि उपायुक्त मंजुनाथ भजंत्री ने कार्यशाला का उदघाटन किया. उन्होंने कहा कि जलछाजन प्रबंधन से ही कृषि का विकास होगा. वर्षा आधारित कृषि तथा लोगों के सहयोग से क्षेत्र का विकास करना ही समेकित जलछाजन प्रबंधन है. जल, जंगल, जमीन का उचित संरक्षण एवं विकास हमारी जिम्मेवारी है. उन्होंने कहा कि जल का संरक्षण जरूरी है. जलछाजन कर अच्छी खेती की जा सकती है. कुरडेग व सिमडेगा में जलछाजन का कार्य किया जा रहा है. महिला सशक्तीकरण पर उपायुक्त ने कहा कि बकरी व मुर्गी के लिए शेड निर्माण कियाजा रहा है, जो महिला स्वयं सहायता समूह को दिया जायेगा. महिलाएं इस क्षेत्र में आगे आयें, उन्हें बेहतर सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी.
क्षेत्र के जनसवेक, पंचायत सेवक, रोजगार सेवक ईमानदारी पूर्वक काम करें. मनरेगा पर चर्चा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि प्रत्येक दिन 100 से ज्यादा मजदूरों को काम दें. अधिक से अधिक लोगों को रोजगार मुहैया कराना है. जिनके पास जॉब कार्ड नहीं है, उनको जॉब कार्ड उपलब्ध अविलंब करायें. इस अवसर पर जलछाजन की शपथ भी दिलायी गयी. कार्यशाला में उप विकास आयुुक्त मनोहर मरांडी, डीआरडीए निदेशक पूर्णचंद्र कुंकल के अलावा सभी प्रखंड के बीडीओ, जनसेवक, पंचायत सेवक, रोजगार सेवक व मुखिया के अलावा अन्य लोग उपस्थित थे.

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