ग्रामीण खुद ही समस्या का समाधान करने पर उतरे
बानो (सिमडेगा) : प्रशासनिक उपेक्षा से तंग आकर ग्रामीणों ने देवनदी पर डायवर्सन बनाया जा रहा है. दिसंबर 2012 में पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद पुल पर भारी वाहनों के प्रवेश को वजिर्त कर दिया गया है. लेकिन ग्रामीणों ने परेशानी को देखते हुए डायवर्सन बनाया.
विगत दिनों हुई बारिश से डायवर्सन बह गया. इसके बाद छह मार्च से कोलेबिरा प्रखंड स्थित लचरागढ़ देवनदी में डायवर्सन बनने का कार्य आरंभ कर दिया गया है. देवनदी पुल को संवेदक के द्वारा तोड़ दिया गया है. पथ प्रमंडल के द्वारा बनाया जा रहा है. पुल की प्राक्कलन राशि लगभग छह करोड़ है.
पुल निर्माण के लिए तीन माह पूर्व टेंडर हुआ. संवेदक के द्वारा कार्य प्रगति धीमी से किया जा रहा है. पुल का निर्माण 21 माह में करना है. स्थिति यह है कि बरसात से पूर्व पुल तैयार नहीं होता है. तो बानो टापू बन जायेगा. डायवर्सन के लिए लचरागढ़-कोनेसोद सड़क का चयन किया गया है. लेकिन सड़क निर्माण कार्य जल्द पूरा नही किया जा रहा है. सड़क की स्थिति काफी खराब हो गयी है.
बरसात में इस मार्ग में चलना काफी कठिन होगा. ग्रामीणों ने श्रमदान कर देवनदी में डायवर्सन बनाना आरंभ कर दिया है. डायवर्सन का कार्य सात मार्च तक पूरा कर लिया जायेगा. कोलेबिरा-मनोहरपुर सड़क आठ मार्च से चालू कर दिया जायेगा. विदित हो कि एक व दो मार्च को बारिश होने से देवनदी पुल का डायवर्सन बह गया था. इससे बानो-मनोहरपुर-कोलेबिरा का मार्ग बंद हो गया था.
डायवर्सन बह जाने से बानो का संपर्क भी सिमडेगा जिला मुख्यालय से कट गया था. इसके बाद छह मार्च को बानो के नीरज साहू, विदेशिया बड़ाइक, मो आलम, बबलु खान, अमित साहू, रमेश ओहदार के अलावा अन्य लोगों नें डायवर्सन बनाने की बीड़ा उठायी. छह मार्च को सबेरे से ही डायवर्सन बनाने का कार्य आरंभ कर दिया गया है. सात मार्च तक डायवर्सन बनने की उम्मीद है. डायवर्सन बनने से लोगों को लाभ मिलेगा. लेकिन ग्रामीणों नें प्रशासन से इस दिशा में सकारात्मक पहल करने की मांग की है.
