विद्युत उपभोक्ता जागरूकता शिविर का आयोजन, न्यायमूर्ति ने कहा
सिमडेगा : स्थानीय नगर भवन में झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग के तत्वावधान में विद्युत उपभोक्ता जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एनएन तिवारी, सचिव एके मेहता एवं सदस्य आर सिंह एवं विद्युत उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष राजेश दूबे उपस्थित थे. कार्यक्रम का उदघाटन न्यायमूर्ति श्री तिवारी ने किया.
उपभोक्ताओं ने जिले की विद्युत समस्याओं से आयोग को अवगत कराया. आयोग के अध्यक्ष एनएन तिवारी ने कहा कि विद्युत संबंधी नियमों की जानकारी सभी उपभोक्ताओं को होनी चाहिए.
जानकारी नहीं होने के कारण उपभोक्ता अपने अधिकार को प्राप्त नहीं कर पाते हैं. उन्होंने कहा कि अधिकार के प्रति लोगों में जागरूकता लाने की आवश्यकता है. लोग जब जागरूक होंगे, तभी अपने अधिकार के प्रति सजग होंगे. उन्होंने कहा कि विद्युत नियामक आयोग एक स्वायत वैधानिक संस्था है. इसे विद्युत से संबंधित नियम बनाने का अधिकार है. आयोग द्वारा उपभोक्ताओं के हितों को देखते हुए नियम बनाये जाते हैं. आयोग बिजली विभाग का अंग नहीं है.
आयोग के अध्यक्ष श्री तिवारी ने कहा कि यदि विद्युत विभाग द्वारा किसी भी प्रकार की विद्युत आपूर्ति में अनियमितता बरती जाती है, तो आप हर्जाना के हकदार हैं, लेकिन इसके लिये उपभोक्ता को आगे आना होगा. उन्होंने उपभोक्ताओं को दिये गये अधिकार की जानकारी भी दी. उन्होंने कहा कि शिकायत के बाद भी यदि विद्युत विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो आयोग द्वारा बनाये गये नियमों के अनुसार उपभोक्ता हर्जाना के हकदार हैं.
कहा कि यहां की जनता में जागरूकता की कमी है. इसके कारण ही अब तक सिमडेगा जिले की एक भी शिकायत फोरम को प्राप्त नहीं हुई है. कार्यक्रम का संचालन आयोग के सचिव एके मेहता ने किया. कार्यक्रम में मुख्य रूप से विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता महादेव मुर्मू, ओमप्रकाश अग्रवाल, रामनारायण रोहिल्ला, मनोज जैन, चंदन डेग, अमरनाथ बामलिया व राजेश डुंगडुंग उपस्थित थे.
समिति का होगा गठन
आयोग के अध्यक्ष एनएन तिवारी ने बताया कि उपभोक्ताअों को अपनी समस्याओं को रखने के लिए जिला से लेकर पंचायत स्तर तक समिति का गठन किया जायेगा. उक्त समिति आयोग से मिल कर काम करेगी.
उपभोक्ता समिति के माध्यम से अपनी शिकायत आयोग तक पहुंचा सकते हैं आैर विद्युत उपभोक्ता फोरम के माध्यम से हर्जाना भी प्राप्त कर सकते हैं. उन्होंने सलाह देते हुए कहा कि समिति गठन में यह ध्यान देने की जरूरत है कि किसी राजनीतिक पार्टी के लोग इसमें शामिल नहीं हों.
