केंद्र खुला था, लेकिन न सेविका न सहायिका और न ही बच्चे थे

कामडारा :प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति बदहाल है. आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन सिर्फ कागजों पर किया जा रहा है. अधिकतर केंद्र में बच्चे भी नहीं है. ऐसा ही मामला मंगलवार को तुरबुल आमटोली आंगनबाड़ी केंद्र में देखने को मिला. तुरबुल आमटोली केंद्र खुला तो था, परंतु केंद्र में न तो सेविका थी न सहायिका […]

कामडारा :प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति बदहाल है. आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन सिर्फ कागजों पर किया जा रहा है. अधिकतर केंद्र में बच्चे भी नहीं है. ऐसा ही मामला मंगलवार को तुरबुल आमटोली आंगनबाड़ी केंद्र में देखने को मिला.

तुरबुल आमटोली केंद्र खुला तो था, परंतु केंद्र में न तो सेविका थी न सहायिका और न ही एक बच्चा भी मौजूद था. केंद्र का दरवाजा खुला था. उक्त केंद्र की सेविका प्रभा देवी व सहायिका बंधनी देवी हैं, पर बच्चों की संख्या शून्य है.

दिखावे के लिए केंद्र का दरवाजा खोल कर छोड़ दिया जाता है. सेविका प्रभा देवी केंद्र खोल खेत में काम कर रही थी. जब उन्हें पता चला, तो धान खेत से हांफते हुए सेंटर पहुंची. बच्चों के संबंध में पूछने पर कहा कि बच्चे सेंटर नहीं आते हैं. कुछ बच्चे स्कूल जाते हैं. धान रोपाई के कारण कुछ खेतों में चले जाते है. इस संबंध में सीडीपीओ कुसुम डुकुरिया से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो छुट्टी पर चले जाने के कारण बात नहीं हो सकी. वहीं बीडीओ पवन महतो ने मामले से अवगत होने पर कहा कि मामला गंभीर है. इस पर कार्रवाई की जायेगी.

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