रविकांत साहू, सिमडेगा
अपहरण के आरोप में गिरफ्तार चार लोगों को गहन पूछताछ के बाद शुक्रवार को जेल भेज दिया गया. मालूम हो कि 25 जुलाई को शाम 4.30 बजे के करीब शहरी क्षेत्र के प्रिंस चौक से चार अपराधियों ने एक काले रंग की स्कार्पियो से ठेकेदार सह शिक्षक उपेंद्र नारायण सिंह को अगवा कर लिया था. अपराधी उपेंद्र नारायण सिंह को तमाड़ा के रास्ते जंगल से होकर गुमला की ओर लेकर भाग रहे थे.
घटना की सूचना पर पुलिस ने पीछा करते हुए गुमला जिले के पालकोट थाना क्षेत्र अंतर्गत एक हाट के करीब स्कॉर्पियो को घेरकर पकड़ा एवं अपहृत उपेंद्र नारायण सिंह को मुक्त कराते हुए अपहरण में शामिल अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया. अपहरण के आरोप में गिरफ्तार किये गये लोगों के नाम दीपक कुमार साहू, पवन कुमार, दोनों गुमला निवासी, राजन कुमार व पवन कुमार साहू दोनों चतरा निवासी हैं.
अपराधियों के पल-पल की जानकारी पुलिस को मिल रही थी
अपहरण की घटना के बाद शहरी क्षेत्र में अपहरण की घटना की जानकारी आग की तरह फैल गयी. शहरी क्षेत्र के लोगों ने भी तामड़ा व कोलेबिरा क्षेत्र में निवास करने वाले अपने परिजनों को घटना की जानकारी तथा स्कोर्पियो के बारे में बताया. इसका सूचना का लाभ पुलिस को मिला. पुलिस को तामड़ा, क्रुशकेला सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने भी जानकारी दी. पुलिस को ग्रामीणों की सूचना पर ही अपराधियों को धरदबोचने में सफलता मिली.
एसडीपीओ राजकिशोर ने प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों को बताया कि पूरा ऑपरेशन एसपी संजीव कुमार के निर्देश पर चलाया गया. उन्होंने बताया कि अपहरण के पीछे ठेकेदारी में बकाये पैसे के लेनदेन का मामला सामने आया है. पुलिस अन्य पहलुओं पर भी जांच कर रही है. इधर पूछताछ के बाद गिरफ्तार अपराधियों को जेल भेज दिया गया. एसडीपीओ ने बताया कि घटना में कुल छह अपराधी शामिल थे. दो अपराधी बाईक पर थे जो भागने में सफल हो गये. उन्होंने बताया कि पकड़े गये एक अपराधी राजन कुमार चतरा में पूर्व में भी जेल जा चुका है.
छापामारी दल में शामिल पुलिस अधिकारी व जवान
छापामारी दल में मुख्य रूप से एसडीपीओ राजकिशोर, सिमडेगा थाना प्रभारी रविंद्र प्रसाद सिंह, मुफ्फसिल थाना प्रभारी रामेश्रव भगत, कोलेबिरा थाना प्रभारी रविशंकर, पाकरटांड़ थाना प्रभारी जयकिशोर सिंह, सअनि सुखलाल हांसदा, जयनाथ राम, जितेंद्र सिंह, पुअनि सुफल स्वासी अलावा शस्त्र बलों के जवान शामिल थे.
