जंगल के रक्षक हैं आदिवासी भक्षक नहीं : विधायक

सिमडेगा : रांची स्थित राजभवन के समक्ष जंगल बचाओ आंदोलन के तत्वावधान में शनिवार को धरना दिया गया. धरने में शामिल लोग आदिवासियों को वन क्षेत्र से हटाने के लिए लाये गये अध्यादेश का विरोध कर रहे थे. इस मौके पर कोलेबिरा के विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी मुख्य रूप से उपस्थित थे. उन्होंने कहा कि […]

सिमडेगा : रांची स्थित राजभवन के समक्ष जंगल बचाओ आंदोलन के तत्वावधान में शनिवार को धरना दिया गया. धरने में शामिल लोग आदिवासियों को वन क्षेत्र से हटाने के लिए लाये गये अध्यादेश का विरोध कर रहे थे. इस मौके पर कोलेबिरा के विधायक नमन विक्सल कोंगाड़ी मुख्य रूप से उपस्थित थे.

उन्होंने कहा कि वनों की रक्षा करने वाले आदिवासी वनों को बर्बाद नहीं कर सकते हैं. इसके बावजूद इस प्रकार के अध्यादेश लाये गये हैं. उन्होंने कहा कि यह सरकारी सोची समझी साजिश है. इसके तहत आदिवासियों को विस्थापित करने की यह योजना बनायी गयी है. उन्होंने कहा कि यह अध्यादेश लाने से पूर्व सर्वोच्च समिति के साथ विमर्श करना चाहिए था. इस प्रकार के निर्णय से आदिवासी बेघर व बेरोजगार हो जायेंगे.

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने वनाधिकार अधिनियम को भी निरस्त करने का प्रयास किया है. एक गैर सरकारी संस्था की आड़ में सरकार द्वारा यह खेल खेला जा रहा है. भाजपा जिस प्रकार हम आदिवासियों के साथ घिनौना खेल खेल रही है, ऐसे में आगामी चुनाव में उसे सबक सिखाने की आवश्यकता है. इस मौके पर झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों से जंगल बचाओ आंदोलन के सदस्य उपस्थित थे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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