एएसए के कार्यकर्ता पुतला दहन के दौरान सरकार के विरोध में नारे भी लगाये. पुतला दहन में शामिल लोग स्थानीय नीति रद्द करने, भू-अर्जन कानून 2017 को रद्द करने, धर्म स्वतंत्रता निषेध कानून को रद्द करने एवं झारखंड के सभी एमएयू को रद्द करने की मांग कर रहे थे. इस अवसर पर आदिवासी सेंगेल अभियान के प्रदेश युवा संयोजक नील जस्टीन बेक ने कहा कि सरकार आदिवासियों का अस्तित्व ही समाप्त करना चाहती है.
नये-नये बिल पारित कर आदिवासियों को कुचलने एवं बर्बाद करने की साजिश रची जा रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत में सरकार की मनमानी चलने नहीं दी जायेगी. अब भाजपा की इस सरकार को उखाड़ फेंकने की आवश्यकता है. इस अवसर पर फ्रेंकलिन तिर्की, विकास कंडुलना, शशि साइमन बाड़ा, एवेनजेलिस्ता कंडुलना, एडमोन मिंज, अर्जुन साव व पात्रों के अलावा अन्य लोग उपस्थित थे.
