खरसावां.
खरसावां में रविवार को भक्ति व उत्साह के साथ मां मनसा पूजा की शुरुआत हुई. इस दौरान श्रद्धालुओं द्वारा पास के जलाशयों से कलश यात्रा निकाली गयी. इस दौरान गाजे-बाजे के साथ मां मनसा के जयकारे लगाते हुए श्रद्धालु झुपान करते नजर आये. कलशों को मनसा पीठों पर स्थापित किया गया. साथ ही मां मनसा की भव्य प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की गयी. मनसा माता के पीठों में पूजा के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. इस दौरान पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल दिखा और पूजा पंडालों में काफी संख्या में भक्तों की भीड़ लगी रही. क्षेत्र में धार्मिक मान्यता है कि मां मनसा की पूजा करने से सर्पदंश का भय दूर होता है और परिवार में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. सावन माह की संक्रांति तिथि को मनसा पूजा का आयोजन किया जाता है. पूजा का समापन मंगलवार को होगा. मंगलवार की शाम श्रद्धालु नाचते-गाते मां मनसा की प्रतिमाओं को स्थानीय जलाशयों में विसर्जित करेंगे.मंदिरों में सुबह से ही लगी रही कतार
सरायकेला.
सरायकेला शहरी क्षेत्र में रविवार को मां मनसा की पूजा-अर्चना की गयी. मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही. सुबह में नदी से जल लेकर कलश यात्रा निकाली गयी. सावन की संक्रांति पर मां मनसा की पूजा शुरू होकर डाक संक्रांति के साथ समापन होता है. नगर पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने दीवानसाही स्थित प्राचीन मनसा मंदिर पहुंच कर मां मनसा की पूजा की. पौराणिक मान्यता के अनुसार, मां मनसा को भगवान शिव और पार्वती की पुत्री व सर्पों की देवी माना जाता है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
