Seraikela News : 500 बेड का अस्पताल बना इंतजार की इमारत, 2014 में पूरा होना था, अब भी अधूरा

बदहाली. आमदा हाॅस्पिटल को चालू कराने के लिए अतिरिक्त राशि की है दरकार

खरसावां.

खरसावां के आमदा में 500 बेड के अस्पताल का निर्माण कार्य 13 साल बाद भी अधूरा पड़ा है. अबतक सिर्फ अस्पताल भवन का स्ट्रक्चर ही खड़ा हुआ है. इस बहुमंजिली इमारत की फिनिशिंग बाकी है. अस्पताल का निर्माण डुंगरीनुमा टीला में किया जा रहा है. इस कारण अस्पताल का काम शुरू करने में देरी हुई. जानकारी के मुताबिक, 25 फरवरी 2011 में मंत्री परिषद की बैठक में खरसावां के आमदा में 500 शैय्या वाले अस्पताल के निर्माण के लिए 153.96 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति मिली थी. इसके लिए नयी दिल्ली की एनबीसीसी लिमिटेड के साथ इकरारनामा किया गया. इसमें से अधिकतर राशि की निकासी कर ली गयी है. आमदा में 500 बेड के अस्पताल का शिलान्यास तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने 12 नवंबर 2011 में किया था. इकरारनामा के अनुसार, इसे 26 फरवरी, 2014 को पूरा करना था, लेकिन अब भी अधूरा पड़ा है.

कई बार विधानसभा में उठ चुका है मामला

500 बेड के अस्पताल का निर्माण पूरा कराने के लिए विधायक दशरथ गागराई एक दशक से लगातार इस मामले को विस में उठा रहे हैं. विगत बजट सत्र में भी विधायक ने इस मामले को विस उठाते हुए सरकार से शीघ्र अस्पताल भवन का निर्माण कार्य पूर्ण कराने का आग्रह किया था. इस पर सरकार की ओर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने सदन में ही योजना स्थल का निरीक्षण करते हुए दो माह के भीतर इस पर निर्णय लेने का आश्वसन दिया था.

25 एकड़ में फैला अस्पताल परिसर, धरी की धरी रह गयी मेडिकल कॉलेज में उत्क्रमित करने की योजना

भविष्य में इस अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में उत्क्रमित करने की योजना थी. लेकिन यह योजना पूरी नहीं हो पायी है. खरसावां के आमदा में निर्माणाधीन अस्पताल का कैंपस करीब 25 एकड़ में फैला हुआ है. निर्माणाधीन हॉस्पिटल भवन में क्लीनिकल ब्लॉक व ओपीडी 8-8 फ्लोर के हैं. वार्ड बिल्डिंग में 11 फ्लोर बनाये जा रहे हैं. 1.25 लाख वर्गफीट में पूरा बिल्डिंग बनाया जा रहा है. पिछले दो वर्षों से निर्माण कार्य ठप रहने के कारण भवन की सामग्रियां भी खराब होने लगी हैं.वर्तमान में हेल्थ सिक्योरिटी सबसे महत्वपूर्ण विषय है. 500 बेड के अस्पताल को मेडिकल कॉलेज के रूप में अपग्रेड कर शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने की योजना थी. लेकिन 13 साल बाद भी इसका निर्माण कार्य पूर्ण नहीं होना गंभीर विषय है. इसे चालू कराने के दिशा में राज्य सरकार को जरूरी कदम उठाना चाहिए. –

अर्जुन मुंडा, पूर्व मुख्यमंत्री

अलग अलग कारणों से अस्पताल का निर्माण समय पर पूर्ण नहीं हो सका है. 353.04 करोड़ रुपये का पुनरीक्षित प्राक्कलन तैयार कर सरकार के पास भेजा गया है. विस में मामला उठाने पर सरकार ने इसे पूरा कराने का आश्वासन दिया है. अगले वर्ष तक इसे पूर्ण कर जनता को समर्पित कर दिया जायेगा.

-दशरथ गागराई, विधायक, खरसावां

अधूरे पड़े अस्पातल का निर्माण कार्य को पूर्ण करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के मंत्री व सचिव से मिलेंगे. सरकार से आग्रह करेंगे कि जितना जल्दी हो सके अस्पताल का निर्माण कार्य को पूर्ण कराएं, ताकि लोगों को इसका लाभ मिल सके.

-कालीचरण मुंडा, सांसद, खूंटी लोस

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By AKASH

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