चांडिल से हिमांशु गोप की रिपोर्ट
Seraikela Kharsawan: सरायकेला-खरसावां जिले के कुकड़ू प्रखंड क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. चांडिल वन क्षेत्र अंतर्गत लेटेंमदा गांव में बीती रात झुंड से बिछड़े एक जंगली हाथी ने जमकर उत्पात मचाया.
घर की दीवार और दरवाजे को तोड़ा
हाथी के गांव में घुसने से ग्रामीणों के बीच पूरी रात अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बना रहा. जानकारी के अनुसार देर रात अचानक जंगली हाथी गांव में घुस गया और ग्रामीणों के घर को निशाना बनाते हुए उसे तोड़ डाला. हाथी ने मुला महतो और उत्तम महतो का घर की दीवार और दरवाजे को क्षतिग्रस्त कर अंदर रखे धान, चावल समेत अन्य अनाज को खा गया. हाथी के हमले से घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. वही घर के अंदर सो रहे मुला महतो का परिवार बाल बाल बचा. जिससे परिवार को भारी नुकसान उठाना पड़ा.
ग्रामीणों ने हो-हल्ला कर हाथी को भगाया
हाथी के इस हमले में लोग किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहे. ग्रामीणों ने बताया कि हाथी काफी देर तक गांव में घूमता रहा, जिससे लोग पूरी रात भय के साए में जागते रहे. हाथी के डर से कई परिवार अपने घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा सके. ग्रामीणों ने हो हल्ला और टॉर्च की रोशनी के सहारे हाथी को गांव से बाहर भगाने की कोशिश किया.
लगातार बढ़ रही हाथियों की गतिविधि
मालूम हो कि कुकड़ू और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से हाथियों का उत्पात लगातार जारी है. बुधवार की रात को भी झुंड से बिछड़े एक जंगली हाथी ने आदारडीह-चौका गांव में ग्राम प्रधान गुरुपद गोप का घर को तोड़ दिया था. उस घटना में घर के अंदर सो रहा परिवार बाल-बाल बच गया था. लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में भय और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहा है.
वन विभाग से स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों के आतंक से स्थायी निजात दिलाने की मांग की है. उनका कहना है कि क्षेत्र में लगातार हाथियों की आवाजाही हो रही है, लेकिन वन विभाग की ओर से प्रभावी कदम नहीं उठाए जाने के कारण लोगों की जान-माल पर खतरा बना हुआ है. ग्रामीणों ने प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा देने की भी मांग की है.
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