Seraikela Kharsawan News : जच्चा-बच्चा की मौत की जांच रिपोर्ट में देरी हुई, तो होगा उग्र आंदोलन

सहियाओं ने दी अस्पताल के कार्य बहिष्कार की चेतावनी

राजनगर.

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) राजनगर के प्रसूति विभाग में स्वास्थ्य कर्मियों के गैर-जिम्मेदाराना रवैये के खिलाफ गुरुवार को प्रखंड की सहियाओं ने मोर्चा खोल दिया. सैकड़ों सहियाओं ने पंचायत भवन से रैली निकाली, सीएचसी राजनगर पहुंची. सहियाओं ने बिनीता बानरा को न्याय दो और सहियाओं पर जुल्म बंद करो जैसे नारे लगाये. सहियाओं ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर मामले की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गयी और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करेंगी. उन्होंने साफ कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलता, तब तक सहियाएं किसी भी प्रसव केस को अस्पताल नहीं लायेंगी और न किसी को सीएचसी जाने की सलाह देंगी.

दो एएनएम पर लाभार्थियों से रिश्वत मांगने का आरोप, तबादले की मांग

ज्ञापन में प्रसूति कक्ष में कार्यरत कर्मियों पर दुर्व्यवहार और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाये गये. सहियाओं का कहना है कि एएनएम पूनम तिग्गा और जयश्री अमृता तिग्गा ने लाभार्थियों से सामान्य प्रसव के लिए 500 से 1000 रुपये तथा सिजेरियन के लिए 5 से 10 हजार रुपये तक की अवैध वसूली की जाती है. सहियाओं ने इन दोनों एएनएम के अविलंब तबादले और मृतक के परिवार को उचित मुआवजे की मांग की है.

प्रसव के दौरान हुई थी सहिया और बच्चे की मौत

सहियाओं ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. श्याम सोरेन को चार सूत्री मांग पत्र सौंपा. सहियाओं ने बताया कि बीते 30 अप्रैल को हाथीसिरिंग गांव की सहिया बिनीता बानरा की प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गयी. उनका आरोप है कि भर्ती के वक्त बिनीता की स्थिति और मेडिकल रिपोर्ट पूरी तरह सामान्य थी, फिर भी दोनों की मौत होना गंभीर जांच का विषय है. आधी रात को शव को घर भेजने की जल्दबाजी पर सवाल उठाये गये.

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By ATUL PATHAK

ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

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